
देश में लगाता है बाघ और चीजों की कमी होती जा रही है। हाल ही में अफ्रीका के नामीबिया से 8 चीतों को मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में लाया गया है।
वही फरीदाबाद में भी चीते को लेकर की चर्चे चल रहे हैं बताया जा रहा है हैदराबाद में भी अरावली की पहाड़ियों में चीते हुआ करते थे।
इतने लोग बताते हैं कि उन्हें बड़े बुजुर्गों ने ऐसी कहानियां ऐसे किस्से सुनाएं हैं और अरावली के जंगलों में मिलने वाले सीटों के बारे में बताया है।
अरावली के जंगलों में चीते को लेकर कुछ ना कुछ अनुमान लगाते रहते हैं। वहीं पर्यावरण के जानकार कहते हैं कि वह भी यहां पर चित्रों के बारे में लगातार सुनते आए हैं।
परंतु अरावली की पहाड़ियों में सीटों के होने की पुष्टि अभी नहीं हुई है। बताया जाता है कि अरावली के जंगलों में विभिन्न प्रकार के वन्य जीव जंतु रहते हैं ।
पर यहां पर तेंदुओं की संख्या पहले कम हो गई थी परंतु वह धीरे-धीरे बढ़ रही है और वह पास के ग्रामीण क्षेत्रों में आ जाते हैं और कभी कबार रिहायशी इलाकों में भी आ जाते हैं।
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