
मॉनसून अभी ढंग से शुरू भी नहीं हुआ, लेकिन Faridabad के अफसरों के झूठे दावों पर पानी फिरना अभी से शुरू हो गया है। क्योंकि अफसरों ने मानसून में जलभराव से निपटने के लिए काफ़ी मेहनत की थी, सिर्फ़ कागजों में, असल में नहीं। जिस वजह से अब बारिश के पानी में धीरे धीरे अफसरों के सारे झूठ धूलते जा रहें हैं।
बता दें कि बारिश का पानी अब सड़कों पर ही नहीं भर रहा, बल्कि घरों में भी घुस रहा हैं। शहर के ऐसे हालातों को देखते हुए बीते सोमवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई थी। इस मीटिंग में सीएम ने डीसी को आदेश दिया था कि वह जल्द से जल्द जल निकासी का इंतजाम करें, इसके साथ ही यमुना नदी में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए लोगों के खानें और रहने का इंतजाम भी करे।
सीएम के आदेश के बाद डीसी ने भी एक मीटिंग बुलाई, इस मीटिंग में सभी विभागों के अधिकारियो को बुलाकर उन्हें आदेश देकर शहर में 52 जगह चिह्नित करके 52 टीमें बना दी है। ये टीम यमुना किनारे बसे गांवों का दौरा करके उनके लिए सेफ हाउस बनाएंगे। इसके साथ ही शहर का पानी निकालने के लिए 55 डिस्पोजल भी लगाए जाएंगे।
जानकारी के लिए बता दें कि इस मीटिंग में DSP हर्षवर्धन, SDM फरीदाबाद परमजीव चहल, SDM बल्लबगढ़ त्रिलोक चंद, SDM बड़खल पंकज सेतिया, DDPO राकेश मोर, DRO विजेंद्र राणा के साथ MCF स्मार्ट सिटी फरीदाबाद, महाप्राधिकरण निगम, नेशनल हाईवे के अधिकारी उपस्थित रहे।
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