
फरीदाबाद के नगर निगम को आज कल डाट खा कर काम करने की आदत हो गई है। क्योंकि बिना डाट खाए नगर निगम काम ही नहीं कर सकता है। जैसे अब निगम WHO की डाट खाने के बाद शहर के सभी ट्यूबवेल और बूस्टर के पानी की जाँच ख़ुद करेगा। पानी की यह जाँच सरकारी लैब में की जाएगी।
बता दें कि इसके लिए शहरी स्थानीय निकाय के आदेश पर चीफ इंजीनियर ने सभी कार्यकारी अभियंता को शहर के अलग अलग इलाक़ों से पानी के सैंपल इकटठा करने के लिए पत्र लिखा है। अब कार्यकारी अभियंता इस पानी के सैंपल की रिपोर्ट जमा कराएंगे, ताकि रिपोर्ट के आधार पर पानी की गुणवत्ता में सुधार किया जा सके।
जानकारी के लिए बता दें कि कुछ समय पहले स्वास्थ्य विभाग ने शहर के अलग अलग इलाक़ों से पानी के सैंपल लिए थे, जिसमें 70 से अधिक पानी के सैंपल फेल हो गए। जिसके बाद WHO ने शहरी स्थानीय निकाय को फटकार लगाई और कहा कि,”लोगो को निम्न स्तर का पानी सप्लाई नहीं किया जा सकता, निगम ख़ुद ट्यूबेल और बूस्टरों के पानी की जाँच करें और उसकी जाँच के आधार पर रिपोर्ट तैयार करके पानी की गुणवत्ता में सुधार करें।”
इस पर नगर निगम के मुख्य अभियंता BK कर्दम का कहना है कि,”गर्मियों में पानी की मांग अधिक बढ़ जाती है। ऐसे में निगम की ड्यूटी बनती है कि वह लोगों को नियमित सप्लाई के साथ गुणवत्तापूर्ण पानी भी सप्लाई करे। इसलिए सभी बूस्टरों में जो टैंक बने हुए है।उनसे पानी के सैंपल लिए जाएंगे। इसके साथ ट्यूबवेल के पानी की गुणवत्ता भी जांची जाएगी।”
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