
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ने के चलते अब ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का दूसरा चरण लागू कर दिया गया है। इसके बावजूद फरीदाबाद की हवा में सुधार नहीं दिख रहा है। शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 के करीब पहुंचने से लोगों की सेहत पर असर पड़ने लगा है।
हालात इतने खराब हैं कि कई जगहों पर प्रदूषण मापने वाली मशीनें बार-बार खराब हो रही हैं, जिससे वास्तविक प्रदूषण स्तर की जानकारी लोगों तक नहीं पहुंच पा रही।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, बृहस्पतिवार को फरीदाबाद का औसत AQI 198 दर्ज किया गया। एनआईटी क्षेत्र में AQI 229 और सेक्टर-30 में 167 रहा। वहीं सेक्टर-11 और सेक्टर-16A में लगी मशीनें तकनीकी खराबी के कारण डेटा नहीं दिखा रहीं। इसी वजह से शहर का कुल औसत AQI अपेक्षाकृत कम दर्ज हुआ है।
बल्लभगढ़ में भी हालात अलग नहीं हैं यहां की मॉनिटरिंग मशीन बृहस्पतिवार रात दो बजे से काम नहीं कर रही। बार-बार मशीनें बंद पड़ने के कारण प्रदूषण पर सटीक निगरानी मुश्किल हो गई है।
GRAP का दूसरा चरण लागू होने के बावजूद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी कार्रवाई में सुस्ती दिखा रहे हैं। जब उनसे खराब मशीनों के बारे में पूछा गया, तो उनका कहना था कि इस संबंध में केवल पंचकूला स्थित मुख्यालय से ही जानकारी दी जा सकती है।
बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि खराब मशीनों की मरम्मत के लिए पहले भी निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
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