
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण स्तर खतरनाक श्रेणी में पहुंच चुका है, लेकिन इसी बीच फरीदाबाद की एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग मशीनें लगातार तकनीकी खराबी का शिकार बनी हुई हैं। शहर की अधिकांश मशीनें बंद होने के कारण प्रदूषण की वास्तविक स्थिति का सही आकलन नहीं हो पा रहा है।
पहले जहां लोग जारी किए जा रहे आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे थे, वहीं अब समस्या इस हद तक बढ़ गई है कि कई मशीनें डेटा रिकॉर्ड ही नहीं कर रहीं।
फरीदाबाद में कुल पांच वायु गुणवत्ता निगरानी मशीनें स्थापित हैं—बल्लभगढ़ की नाथू कॉलोनी, एनआईटी, सेक्टर-11, सेक्टर-30 और सेक्टर-16A। इनमें से केवल दो ही मशीनें गुरुवार शाम तक डेटा प्रदर्शित कर रहीं थीं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के लाइव इंडेक्स के अनुसार शाम 4 बजे एनआईटी का AQI 296 और सेक्टर-11 का AQI 281 दर्ज किया गया, जबकि बाकी मशीनें बंद पड़ी थीं।
दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-3 लागू होने के बावजूद स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण तंत्र की लापरवाही चिंता बढ़ा रही है। सेक्टर-16A की मशीन कई महीनों से निष्क्रिय है, लेकिन अब तक इसे ठीक नहीं किया गया है। बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि सभी मशीनों के रखरखाव और सुचारू संचालन की जिम्मेदारी एक एजेंसी को सौंपी गई है, और जल्द ही दिक्कत दूर करने का दावा किया जा रहा है।
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