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बिजली व्यवस्था है खराब, फरीदाबाद के 3 लाख लोगों को होने वाली है परेशानी, सरकार की नहीं है कोई तैयारी

दिल्ली एनसीआर समेत सभी आस-पास के इलाकों में बढ़ता प्रदूषण एक बड़ी समस्या के रूप में सामने आ रहा है। फरीदाबाद भी प्रदूषण की समस्या से लम्बे समय से जूझ रहा है। दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण का बढ़ते स्तर को काबू में करने के लिए पर्यावरण प्रदूषण रोकथाम एवं नियंत्रण प्राधिकरण (EPCA) ने 15 अक्टूबर से ग्रेडेड रेस्पॉन एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू करने का आदेश दिया है। जिसके तहत खुले में पड़ी निर्माण सामग्री के साथ डीजल जेनेरेटर पर भी प्रतिबंद लगाया जा रहा है।

डीजल जेनेरेटर का इस्तेमाल सिर्फ इमरजेंसी और आपातकालीन समय में ही किया जाएगा। हालांकि, अस्पतालों और स्कूलों पर इस आदेश का ख़ास फरक नहीं पड़ेगा क्यूंकि अस्पतालों और स्कूलों में डीज़ल जेनेरेटर के इस्तेमाल पर कोई रोक थाम नहीं है। परेशानी की बात तो ग्रेटर फरीदाबाद की हाईराइज़ सोसाइटियों के लोगों के लिए है क्यूंकि यहाँ बिजली की समस्या से 90 फ़ीसदी से भी ज़्यादा सोसाइटियां जूझ रही हैं। इतना ही नहीं, जेनेरेटर पर रोक से ज़रूरी सेवाओं सहित पेयजल आपूर्ति थप हो सकती है और लिफ्ट भी बंद हो जायेगी।

प्रदूषण अधिकारी बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी दिनेश कुमार का कहना है कि फरीदाबाद में बढ़ते प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने यह निर्णय लिया है जिसमें जेनेरेटर के प्रयोग पर प्रतिबंद लगाया गया है। कुमार का मानना है कि नियमों का कड़ाई से पालन करने से ही फरीदाबाद के वायु गुणवत्ता को सुधारा जा सकता है इसके अतिरिक्त और कोई विकल्प नहीं है।

ग्रेटर फरीदाबाद निवासी योगेश मैदान का कहना है कि कि इस तरह के आदेशों को लागू करने से पहले पीएनजी जेनेरेटरों के विकल्प पर ध्यान दें, ताकि लोगों की डीज़ल जेनेरेटर पर निर्भरता काम हो।

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