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मंदिर पर गैर कानूनी तरीके से कब्जा करने वाले दलों को बिठाया आमने सामने

ओल्ड फरीदाबाद के सैयदवाड़ा स्थित श्री महावीर मंदिर पर गैर कानूनी तरीके से जबरदस्ती कब्जा करने व मंदिर के पैसों का गलत इस्तेमाल करने के मामले को सुलझाने के लिए ओल्ड फरीदाबाद थाना प्रभारी ने दोनों पक्षों की बैठक बुलाकर एक सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया है, जो दोनों पक्षों के एकाउंट और दस्तावेजों की जांच करेगी।

जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा तथा इसके उपरांत फैसला लिया जाएगा कि मंदिर पर किस पक्ष का अधिकार रहेगा। एसएचओ द्वारा गठित कमेटी में पार्षद सुभाष अहूजा, पार्षद विनोद भाटी, मंडल अध्यक्ष ओल्ड फरीदाबाद सचिन शर्मा, बजरंग सिंगला, अनिल गुप्ता, कृष्णदत्त शर्मा व अजीत राय को शामिल किया गया है।


उक्त गठित कमेटी का स्वागत करते हुए सैयदवाड़ा ओल्ड फरीदाबाद निवासी 84 वर्षीय प्रमुख सेवादार मूलराज नन्द्राजोग पुत्र स्व. मेलाराम ने कहा कि वे उक्त मंदिर की सन् 1960 से देखरेख कर रहे हैं और जिसके प्रधान गिरधारी लाल थे, जिनका अब स्वर्गवास हो गया है और इस संस्था के सचिव अजित राय हैं और मंदिर कमेटी को अपने दिशा-निर्देश करते हुए व सभी मंदिर कमेटी के सदस्यों की राय लेते हुए इस मंदिर को सुचारू रूप से चला रहे थे।

लेकिन अक्टूबर 2012 में सैयदवाड़ा के ही निवासी पवन खन्ना ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर इस मंदिर पर जबरदस्ती कब्जा कर लिया जिसकी शिकायत नवंबर 2012 में एसएचओ ओल्ड फरीदाबाद को की थी और इस खबर का प्रकाशन अखबारों में भी हुआ था क्योंकि उस समय पवन खन्ना की राजनैतिक पहुंच काफी थी और इसे असामाजिक तत्वों का समर्थन मिला हुआ था। इस कारण पवन खन्ना ने जबरदस्ती मंदिर पर कब्जा कर लिया और तभी से मंदिर का प्रधान बना बैठा है।


मूलराज नन्द्राजोग ने आरोप लगाया कि अब हमें पता चला है कि मंदिर के पास करीब 3 लाख से ज्यादा दान का पैसा इकट्ठा हो गया है जिसे वे आपस में मंदिर की मरम्मत के नाम पर हड़पना चाहते हैं। इसको लेकर प्रदेश के गृह मंत्री को पत्र लिखा गया था, जिसके उपरांत ओल्ड फरीदाबाद थाना प्रभारी ने उक्त मामले में हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों के बीच मामला सुलझाने के लिए उक्त सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। मूलराज ने कहा कि उन्होंने अपनी ओर से सभी दस्तावेज कमेटी को सौंपने के लिए पुलिस अधिकारी को उपलब्ध करा दिए और उम्मीद जताई कि विरोधी पक्ष के पास अगर दस्तावेज हैं तो वे भी शीघ्र उपलब्ध कराएं ताकि मामले का निपटारा किया जा सके।

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