Pehchan Faridabad
Know Your City

कभी मंत्री थी और लाल बत्ती की गाड़ी में घूमती थी यह महिला आज सड़क किनारे बकरियां चराने को मजबूर

आप सभी ने कहावत तो सुनी होगी वक़्त बहुत बलवान होता हैं। वो कब रंक को कब राजा और राजा को रंक बना दे किसी को नहीं पता होता। समय आज तक किसी के लिए नहीं रुकता और न ही एक समान रहता। इसीलिए कहते है कि समय के हिसाब से काम कीजिये वरना समय कब रंग दिखा दे किसी को नहीं पता।

कुछ ऐसा ही हुआ एक महिला के साथ, जी हां कभी वो शान से लाल बत्ती की गाड़ी में घुमा करती थीं और आज समय ने ऐसा खेल खेला कि वो बकरियां पालती हुई नजर आ रही है।

चलिए पूरा मामला विस्तार से बताते है। दरअसल मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले की एक आदिवासी महिला की जो कहानी है वो बेहद ही दिलचस्प है। जिसे सुनकर आप भी दंग रह जाएंगे। एक समय ऐसा था कि ये आदिवासी महिला शान से गाड़ी में घुमा करती थी और इतना ही नहीं उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा भी मिला हुआ था।

अब आज की तारीख में समय का ऐसा चक्रव्यूह घुमा जिससे कि महिला को गरीबी के चलते 2 वक़्त की रोटी जुगाड़ करने में कड़ी मसक्कत करनी पड़ती है।

इसके साथ ही बकरियां भी पालती है। एक समय था जब उन्हें सब आदर सत्कार के साथ मैडम मैडम कहते थे। आज इस बुरे वक्त में उसे कोई सीधे मुंह देखता भी नहीं है। इसे ही समय का चक्रव्यूह कहते है। जो समय के साथ इंसान भी बदल जाता है।

आपको बता दे कि साल 2005 में पूर्व विधायक और जिले के कद्दावर नेता रामसिंह यादव ने जुली को जिला पंचायत सदस्य बनाया और फिर क्षेत्र के एक अन्य पूर्व विधायक वीरेंद्र रघुवंशी ने जुली को जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचाया

लेकिन समय ऐसा पलटा कि आज जुली 50 बकरियों को चराने का काम कर रही है। और इसी तरह से भरण पोषण करती हैं। हर बकरी पर इन्हें महीने के 50 रुपय मिलते हैं।

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More