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इन कॉलोनियों में घर – घर जाकर स्वास्थ्य विभाग टीबी मरीज़ों की करेगा पहचान

जिले में टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत आज से नए टीबी मरीज़ों की पहचान की जाएगी। नए मरीज़ों की पहचान के लिए स्वास्थ्यकर्मी शहर की अलग – अलग झुग्गियों, कॉलोनियों में जाकर टीबी मरीज़ो की पहचान करेगी। टीबी की बिमारी देश के लिए एक गंभीर चुनौती है, हालंकि सरकार इस बिमारी के रोकथाम के लिए कई कार्यक्रम चला चुकी है। लेकिन सूचनाओं और जानकारियों के अभावों के कारण इस रोग पर पूरी तरह अंकुश नहीं लगाया जा सका है।

मोदी सरकार ने साल 2025 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस बिमारी की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने यह कदम उठाया है, आपको बता दें नरेंद्र मोदी ने कुछ समय पहले विज्ञान भवन दिल्ली से टीबी उन्मूलन शिखर सम्मेलन की शुरुआत की है थी।

इस अभियान के तहत टीबी मरीज़ो को सरकार बेहतर सुविधाएँ देगी जैसे कि 500 रूपए और दवाएं। इस अभियान में स्वास्थ्य मंत्रालय, विश्व स्वास्थ्य संगठन, दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्रीय कार्यालय तथा स्टॉप टीबी आदि संस्थाएं भी सरकार का साथ देंगी। भारत पिछले काफी समय से टीबी के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है।

फरीदाबाद में इस अभियान के तहत आज से लेकर 2 नवंबर तक स्वास्थ्यकर्मी डोर टू डोर जाएंगे। आपको बता दें, इस बिमारी को खत्म करने के लिए 2030 का समय तय हुआ है, यह लक्ष्य 2025 तक का रख रहे हैं। जब इस अभियान की शुरुवात की थी तो मोदी ने प्राइवेट जगत से भी इस बिमारी के खिलफ लड़ाई में सहयोग देने को कहा था।

जिले में टीबी विभाग के कर्मचारी क्षेत्र की एएएनएम के साथ घर – घर दो सप्ताह से अधिक खांसी वाले मरीज़ो को चिन्हित करेंगें। फरीदाबाद में टीबी के करीब 4 हज़ार मरीज़ हैं। 250 के करीब एमडीआर मरीज़ हैं। जिले की अनेकों कॉलोनियों में मरीज़ों को चिन्हित किया जाएगा। इनमें शामिल है राहुल कॉलोनी, भारत कॉलोनी, संजय कॉलोनी, कृष्ण कॉलोनी एवं अन्य।

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