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प्रदूषण से वातावरण के हालात बिगड़ते देर नहीं लगी तो ठप हो जाएगा एनसीआर का थर्मल पावर प्लांट

दीपों का त्योहार दीपावली नजदीक है और ऐसे में प्रदूषण का बढ़ना लाजमी है। वही किसानों द्वारा पराली जलाने के बाद प्रदूषित वायु में सांस लेना दुर्भर हो जाता है। वहीं इस बार यह विचार विमर्श किया जा रहा है कि प्रदूषण से वातावरण के हालात ज्यादा बिगड़ते हुआ दिखाई दिया, तो एनसीआर के थर्मल पावर प्लांट पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और हो सके तो यह प्लांट बंद भी किए सकते हैं।

इस मसले में पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) अध्यक्ष भूरे लाल ने गत सोमवार को हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिवों को आशय का पत्र लिखते हुए मुख्य सचिवों से प्रश्न किया कि याद उनके सभी थर्मल पावर प्लांट बंद करने की स्थिति बन जाए तो इसके लिए सरकार द्वारा क्या तैयारी की गई है?

वहीं इसके जवाब में हरियाणा के मुख्य सचिव विजयवर्धन को लिखे पत्र में भूरेलाल ने कहा है कि पूर्व निर्देश के अनुसार थर्मल पावर प्लांटों को 2015 के प्रदूषण मानकों का ही पालन करना होगा। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी इस विषय पर चर्चा हुई थी कि जिसमें ईपीसीए को आश्वासन दिया गया था कि सभी थर्मल प्लांट प्रदूषण मापदंड का पालन करेंगे। परंतु पिछले कई दिनों से दिल्ली- एनसीआर में वायु प्रदूषण बढ़ा है। वहीं यह प्रदूषण आने वाले समय में और अधिक बढ़ सकता है। यदि ऐसा हुआ तो पावर प्लांटों को बंद करने की स्थिति आ सकती है।

इसी तरह ईपीसीए अध्यक्ष भूरेलाल ने उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी को लिखे पत्र में भी यही सवाल पूछा है कि थर्मल पावर प्लांट वायु प्रदूषण नियमों का कितना पालन कर रहे हैं व वायु प्रदूषण बढ़ने पर इन प्लाटों को बंद करने की स्थिति में सरकार द्वारा क्या तैयारी की गई है? जिसके जवाब में ईपीसीए का कहना है कि जाड़े में तापमान गिरने से प्रदूषण बढे़गा। इसलिए दोनों राज्य सरकारों को थर्मल पावर प्लांटों को लेकर स्थिति स्पष्ट करनी होगी।

उत्तर प्रदेश में प्लांट

  1. दादरी पावर प्लांट (दादरी) : 840 मेगावाट
  2. दादरी पावर प्लांट फेज दो (दादरी) : 980 मेगावाट
  3. हरदुआगंज प्लांट (अलीगढ़) : 610 मेगावाट

हरियाणा में प्लांट

  1. अरावली थर्मल पावर प्लांट (झज्जर) : 1500 मेगावाट
  2. महात्मा गांधी पावर स्टेशन (झज्जर) : 1320 मेगावाट
  3. पानीपत प्लांट (पानीपत) : 920 मेगावाट
  4. राजीव गांधी थर्मल प्लाट (हिसार) : 1200 मेगावाट
  5. यमुना नगर प्लांट (यमुना नगर) : 600 मेगावाट

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