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निजी गोपनीयता लीक होने डर से 50 हजार से ज्यादा शिक्षक फोन से हटाएंगे आठ ऐप

हर व्यक्ति की अपनी निजी जिंदगी होती है और हर व्यक्ति को पसंद नहीं होता कोई अन्य उनके निजी जिंदगी में ताक झांक करें। ऐसे में हर कोई अपने जीवन से लेकर फोन में भी प्राइवेसी रखना पसंद करता।

परंतु अब हरियाणा के सरकारी 50हजार शिक्षकों ने निजी कंपनी का बहिष्कार करते हुए अपने फोन से 8 एप हटाने का प्रण लिया हैं।

जानकारी के मुताबिक प्रदेश में प्रमुख शिक्षक संगठनों के लगभग एक लाख से भी ज्यादा सदस्य हैं। यह सभी बीते महीने विभाग से उच्च अधिकारियों के समक्ष ईमेल, फोन इत्यादि के जरिए निजी ऐप को लेकर विरोध दर्ज करा रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।

जिसे देखते हुए शिक्षक संगठनों ने तालमेल कमेटी (हसला, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ, हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ, हजरस, हरियाणा राजकीय अध्यापक संघ) बनाकर ऐप को मोबाइल से हटाने की मुहिम शुरू कर दी है। इससे विभाग के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई हैं।

कोरोना वायरस के कारण लागू हुए लॉकडाउन के चलते शिक्षकों द्वारा बच्चों की ऑनलाइन क्लास के जरिए पढ़ाई जारी रखी जा रही हैम ऐसे में बच्चों, स्कूल से जुड़े प्रशासनिक कार्य व शिक्षकों का प्रशिक्षण इत्यादि भी ऐप से ही कराया जा रहा है। तालमेल कमेटी के फैसले के अनुसार किसी शिक्षक के मोबाइल में निजी कंपनियों के विभागीय ऐप नहीं होंगे।

इसी कड़ी में कोई भी विभाग शिक्षक को भविष्य में इन ऐप को डाउनलोड करने के लिए प्रेशर नहीं डाल सकता है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि वह कंपनियों के हाथ में किसी भी तरह का डाटा उपलब्ध नहीं करवाएंगे।

निजी ऐप के उपयोग के कारण शिक्षकों के मोबाइलों में दिक्कत हो रही हैं। इतना ही नहीं इंटरनेट डाटा के लिए कोई राशि भी नहीं मिलती है। उनका कहना है कि सारा खर्चा स्वयं अपनी जेब से वहन करना पड़ता है। इससे शिक्षकों की कार्यप्रणाली कहीं ना कहीं ज्यादा प्रभावित हो रही है।

उक्त ऐपस को फोन से सदा के लिए करेंगे अलविदा

चॉकलेट, सक्षम कक्षा, सक्षम बैठक, सक्षम समीक्षा, निष्ठा, टेलीग्राम, अवसर और दीक्षा जैसे दर्जनों ऐप।

उक्त समस्याओं का सामना कर रहे हैं शिक्षक

  • सभी अध्यापक ऑनलाइन कार्य में दक्ष नहीं
  • सभी जगह नेटवर्क ठीक प्रकार से कार्य नहीं करता
  • अनेक शिक्षकों पर पहले से ही काम का ज्यादा बोझ

निजी कंपनियों की जेब में ठुसा जा रहा है शिक्षा का बजट

निजी कंपनियों को लुटाया जा रहा सरकारी पैसा
हसला अध्यक्ष दयानंद दलाल व हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश मलिक ने कहा कि शिक्षा के बजट को बेवजह निजी कंपनियों से ऐप खरीद कर लुटवाया जा रहा है। शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी कोरोना का बहाना बनाकर बातचीत करने से बच रहे हैं। विभाग सार्वजनिक करें कि कितने करोड़ रुपये खर्च कर ऐप खरीदे गए हैं।

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