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श्रीराम-भरत मिलन प्रसंग व सीता हरण दृश्य में दर्शक हुए कलाकारों के मुरीद

श्री श्रद्धा रामलीला कमेटी द्वारा आयोजित रामलीला का मंचन किया जा रहा है मंगलवार रात को रामलीला के मंच पर राम वन गमन और केवट मिलन का मार्मिक मंचन किया गया।

डीएवी सेक्टर 14 के ऑडिटोरियम में आयोजित राम लीला के खास अंदाज है इसमें राम रावण के संवाद हिंदी और उर्दू के होते है साथ ही राम भक्ति में लीनं हर कलाकार अपनी प्रतिभा का धनी है।

जहा एक ओर रामायण की चौपाइयां बोली जा रही वही दूसरी और हर कलाकार के मुख से उर्दू के संवाद सुनकर अलग आनंद की प्राप्ति होती है।

रामलीला के मंच पर प्रत्येक कलाकार जब हिंदी और उर्दू के संवाद बोलता है तो पूरा औडिटरियम दशकों की ताली से गुंज उठता है दर्शक इसे काफी पसंद भी करते है। इस तरह के मनोहारी दृश्य गंगा जमुनी तहजीब को दर्शाती है

जब इस बारे में पहचान की टीम ने वह मौजूद सभी कलाकारों से बात की तो सभी ने अपने अनुभव हमसे साझा किये। वही श्री श्रद्धा रामलीला के डॉयरेक्टर अनिल चावला ने बताया की सभी कलाकार अपने किरदार ने निपुर्ण है और पुरुषो के साथ महिलाये भी इस रामलीला में काम करती है

रामलीला के तीसरे दिन राम गमन के प्रसंग के साथ रामलीला की शुरुआत की गई अयोध्या नगरी छोड़कर गंगा किनारे पहुंचे राम जी केवट से गंगा नदी पार कराने को कहते हैं और जब जवाब में निषाद राज केवट कहते है

की मेरी छोटी सी है नाव, तेरे जादू भरे पांव, मोहे डर लागे राम, कैसे बिठाऊं तोहे नाव में गीत गाते हुए नाव में बिठाने से मना करते हैं और फिर प्रभु राम के चरण पखार कर अपनी नाव में बिठाते है की शर्त पर राजी होने के दृश्य बेहद मार्मिक बन पड़े।

गंगा नदी पार कराने के बाद प्रभु श्रीराम द्वारा केवट को मजदूरी के रूप में सीता जी की अंगूठी देने के दौरान गाए गीत ऐ केवट यह मजदूरी लो जो गंगा के पार उतारा है और बदले में केवट का यह कहना कि क्यूं शर्मसार भगवान करो यह सब कुछ दिया तुम्हारा है यह दृश्य देखकर सभी दर्शक भावुक हो जाते है सभी कलाकारों की अदायकी को खुब सराहा जा रहा है।

वही बुधवार रामलीला के चौथे दिन को श्रीराम भरत के मिलन के दृश्य का मंचन किया गया है जैसे ही श्रीराम से भरत मिलने पहुंचे तो राम की आँखे छलकती देखकर सभी दर्शक भाव विभोर हो गए जैसे ही भरत ने राम के चरणपादुका अपने सर पर रखे दर्शको ने अपनी भावनाओ पर मुश्किल ही काबू पाया।

वही सीता (योगंधा वशिष्ठ ) हरण में रावण (श्रवण चावला ) की अदाएकी ने सभी को मुरीद होने पर मजबूर कर दिया।

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