Pehchan Faridabad
Know Your City

विधानसभा से लेकर लोकसभा चुनाव तक खर्च समयावधि बढ़ी, तो क्या उपचुनाव में भी दिखेगा इसका असर?

3 अक्टूबर को बरोदा उपचुनाव के लिए जहां एक तरफ आचार संहिता लागू की जा चुकी है। वहीं 3 किलोमीटर दायरे तक ड्राइ डे घोषित किया जा चुका है। ऐसे में अब लोकसभा विधानसभा चुनाव लड़ने वालों उम्मीद्वारों के लिए एक नया नोटिफिकेशन जारी किया गया है।

नोटिफिकेशन के तहत 19 अक्तूबर को केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले विधायी विभाग ने अब लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार अधिकतम 77 लाख रुपए व विधानसभा चुनाव के लिए 30 लाख 80 हजार रुपए खर्च कर सकेंगे। उल्लेखनीय है कि अभी तक यह सीमा लोकसभा के लिए 70 लाख और विधानसभा हेतू 28 लाख थी।

उक्त विषय में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि प्रदेश की नगर निगमों में मेयर का सीधा चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवार के लिए हरियाणा के राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नवंबर, 2018 में इस सीमा को अधिकतम 20 लाख रुपए तय किया गया है।

वही 2017 में नगर निगमों के पार्षदों के चुनाव के लिए यह सीमा 5 लाख रुपए, नगर परिषद् के पार्षद के लिए 3 लाख रुपए, नगर पालिका पार्षद के लिए 2 रुपए लाख तय की गई थी। धोनी ने कहा कि हो सकता है आने वाले समय में कहा जा रहा है कि इसमे में भी कुछ बढ़ोत्तरी की जाए।

आगामी 2-3 महीनों में अम्बाला, पंचकूला और सोनीपत नगर निगम और कई मौजूदा एवं नव गठित नगर पालिकाओं और नगर परिषदों के लिए आम चुनाव होने हैं।

जहां तक हरियाणा में पंचायती राज संस्थाओं का विषय है, तो जून, 2015 में राज्य चुनाव आयोग ने ग्राम पंचायती के पंच के लिए अधिकतम 10 हजार रुपए, 15 वार्डों तक की ग्राम पंचायत के सरपंच के लिए 30 हजार रुपए जबकि 15 वार्डों से ऊपर की ग्राम

पंचायत के लिए 50 हजार रुपए, पंचायत/ब्लॉक समिति सदस्य के लिए 1 लाख रुपए जबकि जिला परिषद् सदस्य के लिए 2 लाख रुपए निश्चित किए थे। अगले साल इनके चुनाव भी होने हैं। माना जा रहा है कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा महंगाई को देखते हुए इसमें में कुछ बढ़ोत्तरी की जा सकती है।

गौरतलब, 12 अप्रैल 2020 को बरोदा सीट से विधायक रहे श्रीकृष्ण हुड्डा का 74 वर्ष में निधन हो गया था। 74 वर्ष में हुड्डा 6 बार विधायक बन चुके थे।

वहीं 2019 के चुनाव में पहलवान योगेश्वर दत्त को हराकर छठी बार विधानसभा पहुंचे थे। हुड्डा के निधन के बाद बरोदा में विधायक के लिए 3 नवंबर उपचुनाव होने है। जिसके चलते आचार सहिंता भी लागू की जा चुकी है।

मतदान के मद्देनजर पूरे विधानसभा क्षेत्र व इसके साथ लगते 3 किलोमीटर के इलाके में ‘ड्राइ डे’ घोषित किया गया है। श्रीकृष्ण हुड्डा ने योगेश्वर को महज 4840 वोट से हराया था।

अब देखना यह भी विशेष रहेगा कि भाजपा और कांग्रेस किस उम्मीदवार को मैदान में उतारती है। जजपा पहले ही साफ कर चुकी है कि उपचुनाव में उनका भाजपा को पूरा समर्थन है लेकिन उम्मीदवार भाजपा का होगा।

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More