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आधुनिकता, इतिहास, अध्यात्म और संस्कृति का केंद्र बनेगा सरदार पटेल पुस्तकालय – शत्रुजीत कपूर

काॅर्पाेरेट सामाजिक दायित्व अभियान के तहत उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम हरियाणा की पहल पर करनाल जिला मुख्यालय से उत्तर दिशा में 15 किलोमीटर दूर करनाल विधानसभा के आखरी गांव काछवा के पंचायत भवन में किताबों की दुनिया 16 हजार जनसंख्या के लिए सरदार पटेल पुस्तकालय की स्थापना के साथ समर्पित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की प्रेरणा से बिजली मंत्री श्री रणजीत चैटाला के मार्गदर्शन में स्थापित यह पुस्तकालय आधुनिक ज्ञान के स्त्रोत, अध्यात्म परंपरा और साहित्य सृजन की कसौटी की मानक किताबें एक साथ ऐसा संगम निर्मित कर रही हैं जहां से ज्ञान की धारा सरस्वती प्रवाहित होगी।

इतिहास साक्षी रहा है जिस समाज को अक्षर ज्ञान से जोड़ा गया वह समाज बौद्धिक सम्पदा के उत्पादन की सरजमीं बन गई। ऐसा पुस्तकालय जिसकी दिवारों पर पंडित लख्मीचंद की रागनी, किताबें बुला रही हैं के नारे को बुलंद कर रही हैं तो वहीं हरियाणा की रचनाधर्मिता की विरासत बालमुकंुदगुप्त की पंक्तियां समाज के सभी वर्गों को प्रेरित करते हुए मानों कह रही हों अब पढ़ेगा हरियाणा और बढ़ेगा हरियाणा।

महर्षि व्यास की रचना महाभारत की आधारभूमि हरियाणा जिसका शाब्दिक अर्थ है हरि का अरण्य यानि भगवान का जंगल। इसे अब पढ़ा नहीं जिया जाएगा। दिवार पर उकेरी गई तस्वीर भगवत गीता का वह अध्याय जिसमें भगवान श्री कृष्ण पार्थ अर्जुन को उपदेश देते हुए कहते हैं कि – हे धनंजय जब व्यक्ति स्वः हितों से ऊपर उठकर कार्य करता है तो ब्रहमांड के समस्त ग्रह नक्षत्र सहयोग के लिए तत्पर हो जाते हैं।

पुस्तकालय की स्थापना समाज के आखरी से आखरी व्यक्ति को अक्षर ज्ञान से जोड़कर सशक्त बनाने की ऐसी यात्रा है जो अपने आप में लोकतंत्र की सर्वोत्तम अवधारणा को साकार करती है। काछवा में सरदार वल्लभ भाई पटेल की स्मृति को नई पीढ़ी से साक्षात्कार करवाने का उद्देश्य देश की एकता और अखंडता को अक्षुण बनाए रखने में नौजवानों और बालमन को प्रेरित करना है।

21 अक्तूबर पुलिस की शहादत और स्मृति को नमन करने का दिन है। विदित है कि 21 अक्तूबर को ही भारत-चीन सीमा विवाद पर 1962 में भारतीय पुलिस बल के जवान अपनी सीमाओं की रक्षा करते हुए शहीद हो गए थे। शहादत दिवस के दिन ज्ञान केन्द्र के लोकार्पण का उद्देश्य यह बताना है कि प्रत्येक नागरिक का पहला धर्म देशभक्ति है देशप्रेम है।


नवनिर्मित पुस्तकालय में नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा प्रकाशित कुल रकम 01 लाख 10 हजार रुपये की अंग्रेजी व हिन्दी प्रकाशन का संपूर्ण सैट जिसमें बाल साहित्य सीरीज, लोकोपयोगी साहित्य, युवा साहित्य, जीवन चरित्र, भारतीय भाषाओं का आदान-प्रदान श्रृंखला, विज्ञान कथाएं, वैज्ञानिक अविष्कार, जलवायु परिवर्तन, खेल जगत, हमारे पूर्वज, हमारी विरासत, विश्व का श्रेष्ठ साहित्य सहित 1400 पुस्तकें उपलब्ध हो गई हैं। वहीं दूसरी तरफ साहित्य अकादमी द्वारा प्रकाशित 84,386 रुपये की किताबें जिसमें भारतीय भाषाओं के क्लासिकल साहित्य की 845 पुस्तकें खरीदकर जमा की गई हैं जिसमें उपन्यास, कहानी, जीवनी, आत्मकथाएं प्रमुख हैं।


प्रकाशन विभाग द्वारा प्रकाशित हिन्दी व अंगे्रजी का समस्त प्रकाशन जिसका कुल मूल्य 70 हजार रुपये है जिसमें महात्मा गांधी, विवेकानन्द समग्र, पंडित दीन दयाल उपाध्याय की रत्नावली, अटल बिहारी वाजपेयी की श्रेष्ठ कविताएं जैसी किताबें विशेष रूप से मंगवाई गई हैं। अंग्रेजी के महत्वपूर्ण संस्थान रूपा और पेंगुईन द्वारा प्रकाशित विश्व क्लासिक साहित्य का संपूर्ण सैट खरीदा गया है।


उत्तर व दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के सीएमडी श्री शत्रुजीत कपूर के विशेष परामर्श और निर्देशन में ग्रामीण परिवेश के विद्यार्थियों को ज्ञान के आधुनिकतम माध्यम से ज्ञान ग्रहण के केंद्र के रूप में आधुनिक एवं आदर्श पुस्तकालय के स्वरूप को साकार करते हुए पांच कंप्यूटर सिस्टम के साथ पूरा परिसर वाईफाई युक्त होगा और बालमन में ई-बुक्स के प्रति ललक बढ़ाने के लिए पांच किंडल उपलब्ध करवाए गए हैं। उद्घाटन करते हुए सीएमडी श्री शत्रुजीत कपूर ने कहा कि आज सरदार पटेल पुस्तकालय काछवा (करनाल) में उद्घाटन के बाद हम हरियाणा की 40 से 50 पंचायतों का चयन कर पुस्तकालय की श्रृंखला बनाएंगे।


चीफ इंजीनियर आॅप्रेशन अश्विनी कुमार रहेजा ने कहा कि आज उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने एक नए दायित्व को स्वीकार किया है। उन्होंने करनाल जिले के बिजली विभाग के सभी इंजीनियरों और कर्मचारियों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि इतने कम समय में स्थान का चयन, पुस्तकों की खरीद और उनका रख-रखाव सम्पन्न होना पुस्तकालय निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रदर्शन है। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए एस.ई करनाल सुधाकर तिवारी ने कहा कि आज बिजली विभाग और ग्राम पंचायत की संयुक्त पहल पर एक नए युग का आरंभ हुआ है।
काॅर्पाेरेट सामाजिक दायित्व अभियान के तहत मुख्य अभियंता पंचकूला की टीम ने काछवा में निर्मित हो रहा सरदार पटेल पुस्तकालय इतिहास, परंपरा, आधुनिकता और ज्ञान का ऐसा केंद्र विकसित किया है जहां नई पीढ़ी ज्ञान के समस्त माध्यमों को आत्मसात करके राष्ट्र निर्माण की इकाई बनेगी, पुस्तकालय स्थापना का यही उद्देश्य है। बिजली निगम का यह पहला प्रयोग है। अगले वर्षों में हरियाणा के दूसरे जिलों में भी पंचायतों व गांवों को पुस्तक संस्कृति के उन्नयन और सतत विकास के लिए ऐसे अभियान का हिस्सा बनाया जाएगा।


इस अवसर पर विशेष रूप से भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष जगमोहन आनंद, सीएसएसआरआई के निदेशक डाॅ. पीसी शर्मा, निदेशक परियोजना संजय कुमार बंसल, राजकीय महाविद्यालय की प्राचार्य डाॅ़ रेखा शर्मा, काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. आरती सैनी, मुख्यमंत्री हरियाणा के प्रतिनिधि संजय बतला, गांव के सरपंच अजय कुमार, पूर्व सरपंच बिट्टू, एक्सियन कशिक मान, एक्सियन विनोद गोयल, एक्सियन गगन पांडे, एक्सियन धर्म सुहाग सहित सैंकड़ों की संख्या में बिजली कर्मी एवं नागरिक उपस्थित थे। प्रकाशन विभाग की तरफ से सभी विद्यार्थियों को किताबें उपहार स्वरूप प्रदान की गई। इस अवसर पर विद्यार्थी विकल्प ने प्रकृति संरक्षण का गीत प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम का संचालन पीआरओ एचपीयूएस राजीव रंजन ने किया।

आकर्षित कर रही कलाएं
नवनिर्मित पुस्तकालय की दिवारों पर अमर लेखकों विवेकानंद, प्रेमचंद, अल्ताफ हुसैन हाली, गालिब, अम्बेडकर, गांधी, दीन दयाल उपाध्याय, कालीदास, सूरदास की तस्वीरें जो कलाकारों ने बनाई हैं और उनके साथ उनके विचार आने वाले हर पाठक को सृजनशीलता से जोड़ते है। आधुनिक फर्नीचर, आकर्षित करते अल्मीरा और वातावनुकुलित कक्ष ग्रामीण जनता में पुस्तकालय के प्रति आकर्षण पैदा कर रहा है।
लाईबे्ररी साईंस के विद्यार्थियों के लिए प्रयोगात्मक अभ्यास का केन्द्र बनेगा
सीएसएसआरआई करनाल के निदेशक डाॅ. पी.सी शर्मा के निर्देश पर संस्थान की केन्द्रीय लाईब्रेरी के लाईब्रेरियन बी.एल. मीना के संयोजन में किताबों को व्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। डाॅ. शर्मा ने कहा कि हमारे पुस्तकालय कर्मी भविष्य में भी साप्ताहिक रूप से तकनीकी सहयोग करते रहेंगे।
पाठक मंच की गतिविधियां पुस्तक संस्कृति के उन्नयन का मंच


पुस्तकालय की स्थापना में काछवा गांव के युवा और विद्यार्थियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। करनाल जिले के सभी महाविद्यालयों के विद्यार्थी जो काछवा और उसके आस-पास के निवासी हैं उन्होंने पुस्तक के रख-रखाव में विशेष रूचि दिखाई, जिसे देखते हुए नेशनल बुक ट्रस्ट मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने पाठक मंच संचालित करने का निर्णय लिया है। जिसके तहत वर्ष भर लेखक से मिलिए, चित्रकला कार्यशाला, पुस्तक समीक्षा जैसी गतिविधियांे संयोजित होती रहेंगी।

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