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कराटे में गोल्ड मेडल लेकर आई बिमला मुंडा की हालत हो गई ऐसी, दारू बेचने पर हुईं मजबूर

देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है लेकिन बाद में उस प्रतिभा को सम्मान नहीं दिया जाता है। यहां खेल को तो महत्व दिया जाता है लेकिन बाद में देश का नाम रोशन करने वाले खिलाडि़यों को ही नजरअंदाज कर दिया जाता है।

खिलाडि़यों को आर्थिक मदद, नौकरी व अन्य सम्मान देने का वादा तो होता है लेकिन सरकार कुछ ही दिनों में अपने वादे भी भूल जाती है। उसके बाद खिलाड़ी सिस्टम और सरकार को जगाते रहते हैं, लेकिन सरकार पर कोई फर्क नहीं पड़ता।

ठीक वैसे ही झारखंड में खेल के क्षेत्र में प्रतिभा की कमी नहीं है, कई प्रतिभावानों की प्रतिभा पैसे के आभाव और सरकारी उपेक्षाओं के कारण दम तोड़ देती है। राजधानी रांची के कांके में एक ऐसी प्रतिभा रहती है, जो कराटे में सिर्फ ब्लैक बेल्ट ही नहीं बल्कि नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट भी है।

लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि अपनी राजधानी में रहने वाली यह प्रतिभा की धनी खिलाड़ी मजबूरी और बेबसी में जिंदगी गुजार रही है।

आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण विमला जैसी नेशनल प्लेयर आज हड़िया बेच कर अपना और अपने परिवार को चला रही हैं। झारखंड की विमला मुंडा ने कराटे में कई मेडल जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया लेकिन इन दिनों उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब है।

वे बहुत ही मुश्किल से परिवार का गुजारा कर पा रही हैं। वे कॉमर्स से ग्रेजुएट हैं लेकिन किसी तरह की कोई सरकारी नौकरी उनके पास नहीं है।

वहीं अब खबर ये है कि विमल की आर्थिक हालात को देख मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले को गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने रांची उपायुक्त को अविलंब मामले में संज्ञान लेने और खेल सचिव से समन्वय स्थापित कर विमला को हर तरह की मदद करने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों को बताया कि आगामी खेल नीति के क्रियान्वित होने पर खिलाड़ियों का भविष्य संवरेगा।

आपको बता दे कि विमला मुंडा वैसे तो साल 2008 से ही टूर्नामेंट खेल रही हैं। इसी साल डिस्ट्रिक्ट लेवल पर इन्होंने मेडल अपने नाम किया था। इसके बाद 2009 में ओडिशा में भी पदक विजेता रहीं।

34वें नेशनल गेम्स में विमला ने सिल्वर मेडल जीत कर राज्य का मान बढ़ाया तो वहीं अक्षय कुमार इंटरनेशनल कराटे चैम्पियनशिप में इन्होंने दो गोल्ड मेडल जीत कर अपना और अपने राज्य का नाम रौशन किया।

इस तरह के सैकड़ों मेडल विमला ने अपने नाम किए हैं। विमला अपने मेडल और सर्टिफिकेट देखकर भावुक हो जाती हैं।

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