Pehchan Faridabad
Know Your City

निकिता हत्याकांड : फरीदाबाद क्राइम ब्रांच ने धर दबोचा निकिता हत्याकांड का तीसरा आरोपी

निकिता हत्याकांड में फरीदाबाद क्राइम ब्रांच की तहकीकात जारी है। इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए क्राइम ब्रांच द्वारा जांच शुरू की गई। तहकीकात की कड़ी में सबसे पहले फरीदाबाद क्राइम ब्रांच द्वारा हथियार के तस्कर को पकड़ा गया। आपको बता दें कि जिस कट्टे से निकिता को मौत के घात उतारा गया था वह मुख्या आरोपियों तक गैर कानूनी तरीके से पहुंचा था।

हत्यारे तौसिफ को देसी कट्टा मुहैय्या कराने वाला तस्कर अब पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है। हथियार तस्कर का नाम अजरू बताया जा रहा है। दर्जनों स्थान पर छापेमारी के बाद पुलिस ने नूह में तीसरे अपराधी को गिरफ्तार किया।

अजरू गैर कानूनी तरीके से हथियारों की तस्करी करता था और निकिता की हत्या के लिए तौसिफ द्वारा जिस कट्टे का इस्तेमाल किया गया था वह भी अजरू ने ही सप्लाय किया था। अग्रवाल कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा निकिता बीकॉम की पढ़ाई कर रही थी। जिस दिन उसकी हत्या की गई उस दिन वह अपना आखरी एग्जाम देने कॉलेज गई थी।

जब वह कॉलेज पहुंची तब आरोपी तौसिफ और उसके दोस्त ने निकिता का अपहरण करने का प्रयास किया पर जब वह नहीं मानी तो उसकी गोली मार के निर्मम हत्या कर दी गई। कक्षा 12 तक तौसिफ और निकिता एक ही स्कूल में पढ़ते थे। स्कूल के दिनों से ही तौसिफ निकिता को पसंद करता था और उसे परेशान किया करता था।

उसने निकिता पर भी दबाव डाला कि वह धर्म परिवर्तन कर उससे शादी करले पर जब निकिता नहीं मानी तो साल 2018 में तौसिफ ने पहली बार निकिता के अपहरण का प्रयास किया। पर उस समय परिवार ने बदनामी के डर से राजीनामा करवा लिया था। पर 2 वर्ष बाद तौसिफ रंजिश के चलते निकिता की दिन दहाड़े निर्मम हत्या कर दी।

पुलिस प्रणाली पर उठ रहे हैं सवाल

निकिता हत्याकांड में पुलिस प्रणाली पर 2 मुख्य सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल है हथियारों की तस्करी को लेकर। जिस तरीके से क्षेत्र में अवैध माध्यम से हथियारों की और अन्य गैर कानूनी उपकरणों की तस्करी की जा रही है उसके खिलाफ तुरंत कार्यवाही क्यों नहीं की जाती ? जनता का कहना है पुलिस प्रशासन क्षेत्र में उस समय पर ही एक्टिव होता है जब कोई दुर्घटना हो जाती है।

दूसरा सवाल है “दुर्गा शक्ति” को लेकर, इस मुहीम के अंतर्गत क्षेत्र के सभी कॉलेजों के बहार पुलिस की जीप एवं पुलिस कर्मी मौजूद रहने चाहिए। ख़ास कर के महिला पुलिसकर्मी का मौके पर मौजूद रहना अति आवश्यक है।

पर जिस दिन निकिता की हत्या हुई उस समय वहाँ पर पुलिस कर्मी मौजूद नहीं थे। कहा जा रहा है कि अगर उस समय पर वहाँ पुलिस कर्मी होते तो निकिता की जान बचाई जा सकती थी।

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More