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बाबा का ढाबा वाले कांता प्रसाद ने सुनाई अपनी अनोखी लव स्टोरी

दिल्ली में ‘बाबा का ढाबा’ अब कौन नहीं जानता, ये काफी मशहूर हो गया है। सोशल मीडिया ने रातों रात ‘बाबा का ढाबा’ चलाने वाले कांता प्रसाद और बदामी देवी नाम के इस बुजुर्ग दंपति को मशहूर कर दिया। वीडियो में बुजुर्ग बाबा बातचीत करते रोते दिखाई दिये थे कि उनके यहां कोई खाने नहीं आता।

फिर क्या था, सोशल मीडिया ने अपना कमाल दिखाया और तब से ‘बाबा का ढाबा’ फेमस हो गया है। एक तरफ लॉकडाउन में ग्राहकों की भारी कमी थी, तो अब मालवीय नगर के इस ‘बाबा का ढाबा’ पर ग्राहकों की लाइन लगती है।

स्पॉन्सर करने वाली कंपनियों की भी कमीं नहीं है। ऐसे में इनकी जिंदगी पूरी तरह से बदल गई है। इसी बीच अब कांता प्रसाद ने अपनी लव स्टोरी को लोगों के बीच साझा किया है।

उन्होंने कहा कि उनकी शादी महज 5 साल की उम्र में हो गई थी और तब बदामी सिर्फ 3 साल की थी। उन्होंने बताया, ‘हमें नए कपड़े पहनाए गए और सारी रस्में हुईं। हमारे लिए तो ये सब पिकनिक जैसा था।

हमें शादी के बारे में पता ही नहीं था। इन दोनों का विवाह यूपी के आजमगढ़ में संपन्न हुआ। कांता प्रसाद जी ने यह बताया कि बदामी जी गुड़िया की तरह लग रही थीं।

इन्होंने आगे कहते हुए बताया कि हम यह नहीं चाहते थे कि हमारे बच्चों के साथ भी वैसा हो जैसे हमारे साथ हुआ। हम साल में एक बार दोस्तों की तरह मिलते।

जब हम बड़े हुए तब हमारे रिश्ते के बारे में हमें पता चला। मैं 21 साल का हुआ, तब बदामी हमारे साथ रहने आई और हमारी दोस्ती मोहब्बत में बदल गई। और हम एक साथ ही जीते रहे।

उन्होंने आगे बताया कि जब हमारी पहली बची हुई थी तब हमने यूपी छोड़ने का फैसला ले लिया था। वर्ष 1961 में हम दिल्ली आ गए थे। यहां पर आने के बाद हम एक-दूसरे को धीरे-धीरे समझने लगे।

आपको बता दे कि कांता प्रसाद जी का ऐसा मानना है कि उनकी पत्नी बदामी देवी उनसे कहीं ज्यादा बेहतर हैं। वह ग्राहकों को सही तरीके से हैंडल कर लेती हैं। फल बेचने के बाद बाबा ने चाय की दुकान खोली।

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