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जानिए डीज़ल जनरेटर चलाने की छूट से उधोगो को कब तक मिलेगी राहत

सुप्रीम कोर्ट के तहत काम करने वाले पर्यावरण प्रदुषण (रोकथाम एवं नियत्रण )प्राधिकरण (ईपीसीए )ने बुधवार को हरियाणा को डीज़ल जनरेटरों के मामले में रहत दे दी है। ईपीसीए ने सुचना प्रधोगिकी उद्योग प्रोसेस उद्योग और कुछ रियाशी कॉम्प्लेक्सों को को जनरेटर चलने की इज्जाजत मिल गयी।

औद्योगिक इकाइयों में जनरेटर चलाने पर लगी पाबंदी के हटने से उद्यमियों को काफी राहत मिली है। इससे इंडस्ट्री का कामकाज पूरी तरह से पटरी पर लौट आया है। प्रतिबंध हटने से पहले जहां बिजली जाने ही औद्योगिक इकाइयों में कामकाज पूरी तरह से ठप हो जाता था, अब वैसा नहीं रहा। यदि किसी भी कारण से बिजली की कटौती हो रही है तो तुरंत जनरेटर चलाकर फिर से काम शुरू कर दिया जा रहा है। उद्यमियों का कहना है कि लगभग चार माह के प्रतिबंध के दौरान उद्योगों को उत्पादन का काफी नुकसान हुआ है।

पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण एवं संरक्षण प्राधिकरण (ईपीसीए) ने औद्योगिक इकाइयों में डीजल जरनेटर पर लगे प्रतिबंध को 14 फरवरी को उठा लिया था। इसका गुरुग्राम के उद्यमियों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि ईपीसीए ने 15 अक्टूबर, 2019 से औद्योगिक इकाइयों में डीजल जनरेटर के संचालन को पूर्ण रूप प्रतिबंधित कर दिया था। इससे रोजाना औद्योगिक कामकाज में खलल पड़ रहा था। बिजली जाते ही कर्मचारियों को खाली बैठना पड़ता था। बता दें कि गुरुग्राम के विभिन्न औद्योगिक एसोसिएशनों द्वारा ईपीसीए चेयरमैन को इस मुद्दे पर पत्र लिखा गया था। यही नहीं औद्योगिक एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों ने भी डीजल जनरेटर मामले ईपीसीए चेयरमैन डॉ. भूरेलाल से मुलाकात की थी। गुड़गांव इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष जेएन मंगला ने डीजल जनरेटर चलाने की छूट देने के लिए ईपीसीए चेयरमैन के प्रति आभार व्यक्त किया।

गुड़गांव चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष विकास जैन का कहना है कि डीजल जनरेटर चलाने की छूट से उद्योगों को काफी राहत मिली है। इससे यह हो गया है कि औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन कार्य बिना किसी रुकावट के होने लगा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि बिजली निगम द्वारा 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली की आपूर्ति की जाए तो औद्योगिक इकाइयों में जनरेटर चलाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। आइटी-आइटीईएस एवं कॉल सेंटर के अधिकारियों का कहना है डीजल जनरेटर चलाने की छूट से उन्हें बड़ी राहत मिली है।

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