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एक आइडिया और बना दिया कमाल का पेन, स्याही खत्म मिट्टी में फेंको बन जाएगा पौधा

हम ज्यादातर एक बार पेन यूज करके उसे फिर से इस्तेमाल नहीं करते। कई बार रिफिल लाने के झंझट के चलते हम नया पैन लाना ही बेहतर समझते हैं। लेकिन एक संस्था ने इसका बेहतरीन विकल्प निकल लिया है। पुराने पैन को हम कचरे में फेंक देते। प्लासिटक से बने यह पैन भी पयार्वरण को दूषित ही करते हैं और हम प्रदूषण फैलाने में कुछ हिस्सेदार तो बन ही जाते हैं।

वातावरण दूषित न हो इसके लिए स्वर्ण मनी यूथ वेलफेयर नाम की एक संस्था अखबार से पैन तैयार किए हैं। स्वर्ण मनी यूथ वेलफेयर नाम की एक संस्था है। इसने प्लास्टिक कचरे को गंभीरता से लिया है और इसका विकल्प तैयार कर दिया है।

इस पैन की खासियत है कि जब इसकी स्याही खत्म होगी और इन्हें जहां भी फेंकेंगे वहां पौधे उग आएंगे। यानि कि यह पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचेंगे बल्कि हरा-भरा करेंगे। संस्था से जुड़े युवाओं ने अखबार के पन्ने से एक ऐसा पेन तैयार किया है, जो खुद से नष्ट हो जाएगा और बहुत कम मात्रा में प्लास्टिक कचरा उत्पन्न करेगा।

यदि उस पैन की रिफिल निकालकर मिट्टी या गमले में फेंकते हैं तो वह पौधे में बदल जाएगा। दरअसल, पेन के हिस्से में पौधों के बीज भरे हैं। संस्था के सदस्य रोहित कुमार व प्रदीप कुमार वर्मा ने बताया कि उनका मकसद प्लास्टिक के पेन से फैलने वाले कचरे को कम करना है।

अखबार के पन्ने से तैयार पेन बाजार में बिकने वाले पेन के मुकाबले 90 फीसदी कम प्लास्टिक का कचरा पैदा करते हैं। ऐसे पैन बनाने का उनका मकसद कचरे को कम करना है। उन्हें ऐसा पैन बनाने का आइडिया रूस से मिला।

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