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भारत ही नहीं इस देश में भी है अमरनाथ जैसा शिवलिंग, खतरनाक रास्तों से गुजर कर लोग करते हैं दर्शन

भारत में कई शिव मंदिर और शिव धाम हैं। इनमें 12 ज्योतिर्लिंगों का महत्व सबसे अधिक है। अमरनाथ में प्राकृतिक बर्फानी शिवलिंग के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु आते हैं। हिमालय की चोटियों में बसी इस गुफाा में भगवान शिव, माता पार्वती और गणेशजी हिम स्वरूप में विराजमान हैं। पुराणों में बताया जाता है कि अमरनाथ गुफा में ही भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व की कथा सुनाई थी।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन 12 ज्योतिर्लिंगों में ज्योति रूप में भगवान शिव स्वयं विराजमान हैं। वैसे बर्फानी शिवलिंगनुमा आकृतियां केवल भारत में ही नहीं है बल्कि दुनियों के कई और भी देशों की गुफाओं में ये आकृतियां देखने को मिल जाती हैं।

अमरनाथ के शिवलिंग की तरह ही एक और शिवलिंग कहीं और भी है, जिसे देखने दुनियाभर से लोग आते हैं। यूरोप के एक देश ऑस्ट्रिया के सल्जबर्ग के पास वरफेन की गुफा में बाबा बर्फानी जैसी एक आकृति बनती है। ऑस्ट्रिया के सल्जबर्ग शहर के पास वरफेन में एक 40 किलोमीटर लंबी हिम गुफा है, जिसमें कुदरती शिवलिंग जैसी आकृति बनी है।

अमरनाथ के शिवलिंग की तरह ही एक और शिवलिंग कहीं और भी है, जिसे देखने दुनियाभर से लोग आते हैं। यूरोप के एक देश ऑस्ट्रिया के सल्जबर्ग के पास वरफेन की गुफा में बाबा बर्फानी जैसी एक आकृति बनती है। ऑस्ट्रिया के सल्जबर्ग शहर के पास वरफेन में एक 40 किलोमीटर लंबी हिम गुफा है, जिसमें कुदरती शिवलिंग जैसी आकृति बनी है।

यह प्राकृतिक आकृति अमरनाथ के शिवलिंग से भी कई गुना बड़ी है। इसके आसपास छोटे-छोटे शिवलिंग जैसी आकृतियां देखने को मिल जाएंगी। खास बात ये है कि यहां स्थित शिवलिंग की आकृति अमरनाथ गुफा में स्थित शिवलिंग की आकृति से काफी बड़ी है। यह शिवलिंग वरफेन की गुफा में स्थित है। इसे दुनिया की सबसे बड़ी गुफा बताया जाता है और अंदर जाने के लिए खतरनाक रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है।

इस गुफा में लगभग एक किलोमीटर तक सीढ़ियां बनाई गई हैं, ताकि इस ‘शिवलिंग’ के करीब आसानी से पहुंचा जा सके। इस गुफा को 1879 में खोजा गया था। इस हिमलिंग को देखने का क्रम मई के महीने में शुरू होता है और यह अक्टूबर तक चलता है।

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