एसडीएम अपराजिता ने कहा कि उपमडंल के सभी किसान अपनी रबी की फसलों का बीमा आगामी 31 दिसम्बर तक करवाना सुनिश्चित करें। ताकि उन्हें सरकार द्वारा जारी की गई हिदायतों के अनुसार किसानों की आय दो गुना करने के मद्देनजर बीमा पॉलिसी का लाभ मिल सके। अधिक जानकारी के लिए किसान टोल फ्री नंबर 1800-180-2117 पर सम्पर्क करें।

उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा निर्धारित गेहूं की फसल का बीमा 26.27 हजार रुपये की धनराशि का बीमा प्रति एकड़ निर्धारित किया गया है, इसके लिए किसानों को प्रति एकड़ के 390 रूपये के हिसाब से कृषक प्रीमियम राशि फसल बीमा के लिए जमा करवानी होती है। जौ और सूरजमुखी की फसलों का बीमा 17.05 हजार रुपये की धनराशि का बीमा प्रति एकड़ निर्धारित किया गया है, इसके लिए किसानों को प्रति एकड़ के 255 रूपये के हिसाब से कृषक प्रीमियम राशि फसल बीमा के लिए जमा करवानी होती है।
सरसों की फसल का बीमा 17500.24 हजार रुपये की धनराशि का बीमा प्रति एकड़ निर्धारित किया गया है, इसके लिए किसानों को प्रति एकड़ के 262.50 रूपये के हिसाब से कृषक प्रीमियम राशि फसल बीमा के लिए जमा करवानी होती है। चना की फसल का बीमा 13.27 हजार रुपये की धनराशि का बीमा प्रति एकड़ निर्धारित किया गया है, इसके लिए किसानों को प्रति एकड़ के 195 रूपये के हिसाब से कृषक प्रीमियम राशि फसल बीमा के लिए जमा करवानी होती है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के एसडीएओ डॉ. अजीत कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि किसानों की बीमा कवरेज भारत सरकार के पोर्टल www.pmfby.gov.in द्वारा ही स्वीकृत होगी। यह प्रीमियम राशि केवल NCI-Portal के भुगतान गेटवे pay-gov द्वारा ही भेजी जानी है। इसके लिए किसानों का आधार कार्ड नम्बर अनिवार्य है। उन्होंने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सरकार द्वारा यह योजना सभी किसानों के लिए स्वेच्छिक की गई है। जो किसान इस योजना में शामिल नहीं होना चाहते, वे किसान अपना घोषणा पत्र सम्बंधित बैंक और वित्तीय संस्थान में बीमा की अन्तिम तिथि से सात दिन पहले जमा अवश्य करवाना सुनिश्चित करें।
डॉ. अजीत कुमार ने आगे बताया कि व्यापक आधार पर होने वाली प्राकृतिक आपदा के कारण खड़ी फसलों की औसत पैदावार मे कमी आने पर क्लेम, (अधिसूचित क्षेत्र आधार पर) किया जा सकता है। इसके अलावा जल भराव, ओलावृष्टि, बादल फटना, आसमानी बिजली गिरने तथा प्राकृतिक आग के कारण तथा फसल कटाई के 14 दिनों तक खेत में सुखाने के लिए रखी फसलों का चक्रवात, चक्रवाती, बेमौसमी वर्षा, ओलावृष्टि से नुकसान होने पर (खेत स्तर पर) क्लेम एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कम्पनी ऑफ इण्डिया लिमिटेड द्वारा दिया जाना है। उन्होंने बताया कि किसान शिकायत के लिए सम्बंधित क्षेत्रिय कार्यालय मे शिकायत निवारण अधिकारी से सम्पर्क करें।
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