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समाजसेवी एवं चार्टेड अकाउंटेंट राजीव मंगला द्वारा पलायन कर रहे दिहाड़ी मजदूरों को बांटे गए जूते

कोरोना महामारी के कारण किए गए देशव्यापी लॉक डाउन की अवधि एक चरण के बाद दूसरे चरण के साथ निरंतर बढ़ती जा रही है और इसी के साथ बढ़ रही है गरीब दिहाड़ी मजदूरों की परेशानियां, लॉक डाउन की घोषणा होते ही अपना रोजगार खो चुके लाखों दिहाड़ी मजदूर पहले ही अपने पैतृक स्थानों की ओर पैदल पलायन कर गए थे।

लेकिन लाखों मजदूर अभी भी ऐसे थे जो इस उम्मीद में थे कि वह सब कुछ सामान्य होने के बाद ही जब रेलवे एवं अन्य परिवहन सेवाएं शुरू होगी तभी अपने घर जाएंगे लेकिन लॉक डाउन के करीब 50 दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति ज्यों की त्यों बने रहने के कारण दिल्ली एनसीआर के क्षेत्रों से एक बार फिर बड़ी संख्या में दिहाड़ी मजदूरों ने पलायन करना शुरू कर दिया है। जो सरकारी सुविधा को केवल एक दिखावा बताकर हजारों किलोमीटर तक का पैदल सफर अपने छोटे बच्चों एवं भारी सामान के साथ करने के लिए मजबूर है।

इस स्थिति में इन दिहाड़ी मजदूरों को केवल सामाजिक संस्थाओं का सहारा है जो इनके पैदल सफर में इन्हें खाना एवं अन्य सुविधा की सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं इसी कड़ी में समाजसेवी राजीव मंगला द्वारा मथुरा हाईवे से पैदल – पैदल अपने गांव की ओर जा रहे दिहाड़ी मजदूरों को जूते बांटने का कार्य किया गया ताकि इन लोगो को इनके पैदल सफर में थोड़ा आराम मिल सके।

समाजसेवी राजीव मंगला पेशे से चार्टेड अकाउंटेंट है जिनका कहना है कि लॉक डाउन का सबसे अधिक प्रभाव इन गरीब मजदूरों को झेलना पड़ रहा है इसलिए इनकी थोड़ी मदद करने के लिए उनके द्वारा जूते वितरण किए जा रहे है जिससे इनके सफर में इनको थोड़ा आराम मिल सके क्योंकि अधिकतर लोग हवाई चप्पल पहनकर पलायन कर रहे है जिनसे पैदल चलने में इनको अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।

इस मौके पर एनआईटी विधानसभा क्षेत्र के विधायक नीरज शर्मा, दैनिक जागरण के ब्यूरो चीफ बिजेंद्र बंसल एवं भाजपा कार्यकर्ता महेश गोयल भी मौके पर मौजूद रहे जिन्होंने राजीव गोयल के इस समाज हित के कार्य में उनका साथ दिया। साथ ही विधायक नीरज शर्मा ने सरकार से अपील कि की हरियाणा सरकार अपने राज्यो के बॉर्डर पर परिवहन सुविधाए उपलब्ध कराए जो प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाने का कार्य करे।

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