कोरोना महामारी ने न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व में कोहराम मचा हुआ है। कोरोना से बचाव के लिए न जाने कितने प्रयास किए जा रहे हैं। प्रत्येक अस्पताल में कोरोना के बचाव के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। लेकिन न सिर्फ अस्पतालों में बल्कि चौथे लॉक डाउन के दौरान खोले गए उद्योगों, कंपनियों आदि के मालिकों द्वारा भी अनेक इंतजाम किए गए हैं।
बावजूद इतने इंतजाम व प्रयासों के कोरोना संक्रमण के मामले दिन प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे हैं। जिसके कारण सभी वर्ग के लोग चिंतित हैं। इसके संक्रमण की चिंता सरकार को अधिक सता रही है क्योंकि सरकार द्वारा किए जा रहे अनेक प्रयास विफल हो रहे हैं।

जैसा कि सभी जानते हैं कि कोरोना के लक्षण खांसी, जुकाम तेज बुखार आदि हैं। इसलिए खांसी, जुकाम पाए जाने वाले व्यक्तियों की भी जांच की जा रही। निम्न लक्षण पाए जाने पर लोगों को घरों में ही आसोलेशन दिया जा रहा है। ऐसे लोगों को संक्रमण का भय भी अधिक हो जाता है।
फरीदाबाद के बी के अस्पताल में भी खांसी जुकाम के अनेक मरीज जांच के लिए जाते हैं। ओपीडी खुली रहने के चलते ओपीडी में आने वाले सभी मरीजों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाती है। बीके अस्पताल में रोजाना खांसी,
जुकाम के 500 से अधिक मरीज आ जाते हैं। अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा खांसी, जुकाम के मरीजों का इलाज पूरी सावधानी से किया जा रहा है।
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