राहुल गांधी ने भारत-चीन समझौते पर पूछे सरकार से कुछ सवाल, क्यों पीछे हटी चीनी सेना ?

भारत और चीन द्वारा सीमा पर सेना का डीएसकेलेशन करने के एक दिन बाद, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को सरकार से पूछा की “गलवान घाटी की क्षेत्रीय सोवेरेइंटी का उल्लेख भारत सरकार ने अपने वक्त्वये मे क्यों नही किया है?”।

राहुल गांधी के सवाल

राहुल गांधी ने यह भी पूछा कि “युद्ध से पहले की स्थिति सरकार क्यों नही ला पा रही हैं”? और चीन को हमारे 20 निहत्थे जवानों की हत्या को सही ठहराने की अनुमति क्यों है?, उन्होंने यह सभ सवाल अपने ट्विटर हैंडल से पूछे है।

राहुल गांधी ने भारत-चीन समझौते पर पूछे सरकार से कुछ सवाल, क्यों पीछे हटी चीनी सेना ?

यह सारे सवाल पूछने के साथ-साथ राहुल गांधी ने भारत और चीन के बीच वार्ता के बयान को सांझा करते हुए यह कहा है कि चीनी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान मे गलवान घाटी पर प्रकाश डाला हुआ है पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने बयान मे गलवान घाटी का नाम तक नही लिया है।

चीन और भारत के बीच क्या वार्ता हुई है?

वही राष्ट्र सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल और चीनी विदेश मंत्री वांग ने शीग्रह सैनिको की बॉर्डर से तुरंत वापसी पर सहमति जताई और यह बोला कि जल्द से जल्द पूर्ण विघटन, “शांति” के लिए आवश्यक था और दोनों देशों को यह प्रयास करना चाहिए की “मतभेद”, “विवाद” मे परिवर्तित न हो।

विदेश मंत्रालय के अनुसार दोनो देशों की सीमा वार्ता के वशेष प्रतिनिधि डोवाल और वांग ने रविवार को टेलीफोन पर बातचित की जिसमे उन्होंने पश्चिम क्षेत्र के हाल के घटनाक्रमों पर स्पष्ट और गहरी चर्चा की थी।

चीन के पीछे हटने का कारण क्या है?

चीन के पीछे हटने के कई कारण है और उसमे से कुछ इस प्रकार है:-

1) भारत ने अपने सैन्यबल को दिखाते हुए , चीन को आमने सामने की चुनौती दी थी।

2) प्रधानमंत्री मोदी ने अचानक लेह पहोच कर अपनी सेना का हौसला बढ़ाया और चीन को भी सीमा से सख्त सन्देश दिया।

3) भारत ने अपने संदेश को साफ रखते हुए चीनी कंपनियो के लिए हाईवे प्रोजेक्ट से लेकर , एमएसएमई सेक्टर तक रास्ते बंद कर दिए हैं।

4) चीन को सबसे बड़ा झटका देते हुए भारत ने चीन की 59 एप्स को बंद करदिया।

5) टेलीकॉम और बिजली क्षेत्र मे चीनी उत्पादन बंद करदिये गए है।

6) अमेरिका जैसे बड़े देश भी भारत के समर्थन मे खड़े हुए है।

7) चीन के खिलाफ भारत के आर्थिक प्रतिबंधो का भी अमेरिका के साथ और कई देशो ने समर्थन किया है।

8) अमेरिका ने यूरोप से अपनी काफी सेना को हटाकर चीन की चुनौतियों के लिए तैयार रखने की बात की है।

9) भारतीये वायु सेना ने भी चीनी सीमा पर तैयारियां तेज़ करके चीन पर दबाव बनाया है।

10) चीन के द्वारा एलएसी पर सेना बढ़ाने पर भारत ने भी सेना और आधुनिक हथियार किए थे तैयार।

Written by- Harsh Datt

Avinash Kumar Singh

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