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फरीदाबाद को पानी माफियाओं के सहारे छोड़ अधिकारियों ने मूंद ली आंखे, जमीन से सुखा रहे है जीवन



हर साल गर्मियों में पीने के पानी की किल्लत फरीदाबाद में बड़ी समस्या बन जाती है।शहर को पानी माफिया के हवाले कर अफसरों ने आंखें बंद कर ली है। अवैध दोहन और सरकारी पाइपलाइन से पानी चुराने वाले माफिया पर कार्यवाही की जगह नगर निगम उनका रजिस्ट्रेशन कर उन्हें वैधता देने की प्लानिंग कर रहा है। यमुना के किनारे खराब पड़े मोठुका रेलवे की सफाई फरीदाबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी ने शुरू कर दी है।

गर्मी में रेनीवेल की सफाई हो जाती है तो यह बल्लमगढ़ और एनआईटी की तमाम जनता के लिए फायदेमंद होगा क्योंकि इससे रोज 10 एमएलडी पानी की सप्लाई बढ़ जाएगी।
एफ एम डीए के अधिकारियों के मुताबिक 15 दिन में सफाई का काम पूरा कर लिया जाएगा।यमुना किनारे 12 साल पहले 10 रेनीवाल बनाए गए थे।कुछ साल से रेनीवाल की क्षमता कम हो रही है।

फरीदाबाद को पानी माफियाओं के सहारे छोड़ अधिकारियों ने मूंद ली आंखे, जमीन से सुखा रहे है जीवन
फरीदाबाद को पानी माफियाओं के सहारे छोड़ अधिकारियों ने मूंद ली आंखे, जमीन से सुखा रहे है जीवन

कुछ रेनीवाल पूरी तरह बंद हो चुके है। मोठुका गांव में स्थित रेनीवेल भी खराब हो चुका है। इसे दोबारा चालू करने के लिए एमडीएनए प्लान तैयार कर जिस दिन की योजना बनाई मोठुका रेनीवेल से लाइन नंबर 1 को पानी मिलता है। यह लाइन बल्लबगढ़ सेक्टर चावला कॉलोनी आदेश नगर आदि होते ही सेक्टर 25 बूस्टर तक पानी पहुंचाती है।

फरीदाबाद को पानी माफियाओं के सहारे छोड़ अधिकारियों ने मूंद ली आंखे, जमीन से सुखा रहे है जीवन

मोठुका रेनिवाल के खराब होने से इन जगहो पर पानी नहीं पहुंच पा रहा था। इसे देखते हहुए एफ एम डी ए ने मोठुका के रेनीवाल की सफाई सोमवार से शुरू करवा दी है। एफ एम डी ए के चीफ इंजीनियर एंड डी वशिष्ठ ने बताया कि उम्मीद है कि मोटूका की सफाई का काम हज़ार दिन में पूरा हो जाएगा इसके बाद इस से रोज 10 एमएलडी पानी की सप्लाई बढ़ जाएगी , लोगों को पानी देने की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ सके इसकी दूसरी कड़ी में आज बड़े केस चल रहा है। पानी का अवैध कारोबार बीते कुछ वर्षों में अफसरों की लापरवाही का नतीजा है कि गली मोहल्ले में बेरिंग कर अवैध आरो पॉइंट खुल गए हैं।


इस वक्त शहर की आबादी पच्चीस लाख के करीब है। इससे तकरीबन 40% आबादी को पीने का पानी नगर निगम उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। ऐसे में अवैध कॉलोनियों की छोटी-छोटी गलियों में 500 से भी ज्यादा आरो प्वाइंट्स चल रहे हैं।जो घर-घर पानी की डिलीवरी करते हैं। शहर से सबसे ज्यादा आरो प्लांट्स एनआईटी की कॉलोनियों और बड़खल विधानसभा क्षेत्र में यह सभी अवैध रूप से चलाए जा रहे हैं।

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सूत्रों के अनुसार का यारों पॉइंट संचालकों ने नगर निगम की पाइप लाइन से अवैध कनेक्शन ले लिया है। तो कई में अवैध बोल कर ली है 1 हजार से लेकर 5 हजार लीटर क्षमता वाले यह पॉइंट बिना किसी ज्यादा तेल लगाए गए हैं। माफिया 20 लीटर की पानी की बोतल ₹10 में बेचता है। इनमें से कई संचालक गाड़ी में है।

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