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विभागों की अनदेखी और लापरवाही के कारण ग्रेटर फरीदाबाद बना” दुर्घटना संभावित क्षेत्र” कोई सुधार नहीं!

विभागों की अनदेखी और आपसी तालमेल का अभाव के चलते ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर 84 और 85 दुर्घटना आशंकित के क्षेत्र बनते जा रहे हैं। इन सेक्टरों में कम से कम दो जगह ऐसे हैं जहां आए दिन हादसे होते ही रहते हैं। कई लोग इन हादसों में घायल भी हो चुके हैं। गनीमत यह है कि अभी तक हादसों में किसी की जान नहीं गई है। शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार हो रहा है। तभी प्रशासन का इस ओर ध्यान जाएगा और इंसानों पर होने वाले हादसों को लेकर स्थानीय लोग सीएम विंडो पर जाकर शिकायत कर चुके हैं। मगर बिना किसी समाधान के उनकी शिकायत का निपटारा कर दिया गया है‌। सोमवार को भी इन सभी स्थानों का जायजा लिया गया।


यह चौराहा चंदीला चौक सेक्टर 84 बीपीटीपी इलीट प्रीमियम, पुरी प्राणायाम के आने-जाने के रास्तों को जोड़ता है। और आमतौर पर चौराहों के बीचो-बीच ट्राफिक बूथ या डिवाइडिंग होता है। लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं है चारों ओर से सड़कों को जोड़ने वाले इस चौराहे के बीच काफी बड़ा खाली क्षेत्र है। चारों तरफ से यहां वाहन भी आते हैं। यहां पहुंचकर वाहन चालक भ्रमित हो जाते हैं जो हादसे का कारण बनता है।

विभागों की अनदेखी और लापरवाही के कारण ग्रेटर फरीदाबाद बना" दुर्घटना संभावित क्षेत्र" कोई सुधार नहीं!
विभागों की अनदेखी और लापरवाही के कारण ग्रेटर फरीदाबाद बना" दुर्घटना संभावित क्षेत्र" कोई सुधार नहीं!






यहां पर ट्रैफिक सिग्नल भी नहीं लगाई गई है यातायात को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मी भी तैनात नहीं रहते। सबसे बड़ी बात तो यह है, रात में रोशनी के लिए स्ट्रीट लाइट तक नहीं है। स्थानीय लोगों ने बताया है कि, रोजाना रात और सुबह यहां वाहन आपस में भिड़ जाते हैं। वहीं सड़क किनारे हर जगह गड्ढे भी हो रखे हैं।

विभागों की अनदेखी और लापरवाही के कारण ग्रेटर फरीदाबाद बना" दुर्घटना संभावित क्षेत्र" कोई सुधार नहीं!


वही सेक्टर 84 में पूरी प्रथम के बगल में सड़क के साथ-साथ कई एकड़ खाली जमीन पड़ी है। वहीं बारिश के कारण सड़क किनारे भूमि का कटाव हो गया है। इससे साइड से सड़क घंस गई है। सड़क में जगह-जगह किनारे पर बड़े गड्ढे भी हो गए हैं। रात में यहां रोशनी का प्रबंध नहीं रहता कभी भी यहां बड़ा हादसा हो सकता है और सबसे बड़ी बात तो यह है, कि इन सड़कों के बीचो बीच लंबे लंबे बिजली के खंभे भी हैं।

भतौला बिहारी मार्केट को जोड़ने वाली सड़क पर बीचो-बीच बिजली के खंभे बने हुए हैं‌। यह खंबा दुर्घटनाओं को न्यौता दे रहा है। रात में अंधेरा होने के कारण वाहन इस खंभे से टकरा जाते हैं और चौराहे पर होने वाली घटनाओं को लेकर सीएम विंडो पर शिकायत भी की थी। इसका बिना किसी समाधान से निपटारा कर दिया गया। संबंधित विभागों को यह ध्यान देना भी जरूरी है ‌।

विभागों की अनदेखी और लापरवाही के कारण ग्रेटर फरीदाबाद बना" दुर्घटना संभावित क्षेत्र" कोई सुधार नहीं!
विभागों की अनदेखी और लापरवाही के कारण ग्रेटर फरीदाबाद बना" दुर्घटना संभावित क्षेत्र" कोई सुधार नहीं!



वहीं स्थानीय निवासी राजेश तोमर का कहना है कि चौराहे पर बीचोबीच डिवाइडिंग बनाया जाना चाहिए साथ ही यहां ट्रैफिक सिग्नल भी लगाने चाहिए। कई बार संबंधित विभागों को शिकायत दी है, मगर सुधार नहीं हुआ।

विभागों की अनदेखी और लापरवाही के कारण ग्रेटर फरीदाबाद बना" दुर्घटना संभावित क्षेत्र" कोई सुधार नहीं!



वही विजय प्रताप सेक्टर 85 में बीपीटीपी डी ब्लॉक चौराहे पर आए दिन हादसे होते रहते हैं। ऐसा कोई दिन नहीं हो, गया जब वहां वाहन आपस में टकरा या ना हो, लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं है।



दिनेश बंसल ग्रेटर फरीदाबाद में जिन स्थानों पर दुर्घटना की आशंका है, उन्हें दुरस्त करने के लिए संबंधित विभागों को पत्र लिखा जाएगा। अगर जरूरत पड़ेगी तो वहां यातायात के पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।

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