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फरीदाबाद कि ये शापित सड़कें, ना जाने कितने हादसों को अंजाम दे चुकी है

फरीदाबाद की बदहाल सड़कों और वाहन चालकों की लापरवाही से आए दिन हादसे हो रहे हैं। इन हादसों में सैकड़ों लोग अपनी जान गवां रहे हैं। वर्ष 2022 में जनवरी से मई यानी पिछले 5 माह में करीब 236 सड़क हादसों में 90 लोगों की मौत और 196 लोग घायल हो गए। पिछले 3 वर्षों में 1680 सड़क हादसों में 622 लोग अपनी जान गवां चुके हैं और 14 87 लोग घायल हुए हैं। जगह जगह दिशा सूचक पट और अलर्ट बोर्ड लगाने के बावजूद पिछले 3 सालों में शहर की अंदरूनी सड़कों पर हादसे बढ़ गए हैं।

वर्ष 2019 में जिले में 689 सड़क हादसों में 264 लोगों की मौत और 635 लोग घायल हुए। वहीं वर्ष 2020 में जिले में 489 सड़क हादसों में 195 लोगों की मौत और 421 लोग घायल हुए. वर्ष 2021 में 502 सड़क दुर्घटनाओं में 203 लोगों की मौत और 431 लोग घायल हुए थे। वर्ष 2022 की बात की जाए तो पिछले 5 माह में 191 सड़क हादसों में 7 लोगों की मौत और 176 लोग घायल हो गए।

फरीदाबाद कि ये शापित सड़कें, ना जाने कितने हादसों को अंजाम दे चुकी है
फरीदाबाद कि ये शापित सड़कें, ना जाने कितने हादसों को अंजाम दे चुकी है

हाईवे पर हादसों का खतरा कम है

नेशनल हाईवे पर पिछले 3 वर्षों में सड़क हादसे कम हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक हाईवे पर 3 वर्षों में 444 सड़क हादसों में 218 मौत और 361 लोग घायल हुए। वहीं अंदरुनी सड़कों पर 1241 एक्सीडेंट में 444 मौत और 11 से 26 लोग घायल हो गए। इसमें हाईवे पर वर्ष 2019 में 2005 हादसों में 105 मौत और 164 लोग घायल हुए हैं।

फरीदाबाद कि ये शापित सड़कें, ना जाने कितने हादसों को अंजाम दे चुकी है
फरीदाबाद कि ये शापित सड़कें, ना जाने कितने हादसों को अंजाम दे चुकी है

अन्य सड़कों पर 484 हादसों में 159 मौत और 471 लोग घायल हुए।वहीं वर्ष 2020 में हाईवे पर 122 हादसों में 60 मौत और 100 लोग घायल हुए। अन्य सड़कों पर 367 हादसों में 135 मौत और 321 लोग घायल हो गए।2021 में नेशनल हाईवे पर 117 हादसों में 53 मौत और 97 घायल हुए।अन्य सड़कों पर 385 हादसों में 150 मौत और 334 लोग घायल हो गए।

फरीदाबाद कि ये शापित सड़कें, ना जाने कितने हादसों को अंजाम दे चुकी है
फरीदाबाद कि ये शापित सड़कें, ना जाने कितने हादसों को अंजाम दे चुकी है

हादसों में कमी का प्रयास

रोड सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष एसके शर्मा ने कहा कि सड़क हादसों के तो प्वाइंट चिन्हित करें उन में कमी लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं उन्होंने कहा कि लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। सड़कों की खस्ता हालत के कारण थोड़ी परेशानी आ रही है। वहीं घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए लोग लगातार आगे आ रहे हैं लोगों को जागरूक कर सड़क हादसों में कमी लाने का प्रयास किया जा रहा है।

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