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फरीदाबाद के इन 3 गांव के लोगों की लौटेंगी खुशियाँ, होने जा रहा है करोड़ों का खर्च

फरीदाबाद में आमतौर पर देखा जाता है यहाँ शहरों की दशा गांव से भी बदतर हालत में है। इसी वजह से गांव के लोगों ने भी प्रशासन से उम्मीदें छोड़ दी है कि गांव की स्थिति कभी सुधर सकती है।

वहीं दूसरी ओर फरीदाबाद के कुछ गांव के लिए खुशखबरी धरा खबर प्रशासन की तरफ से आया है। आपको बता दें कि फरीदाबाद के 3 गांव में प्रशासन द्वारा करोड़ों रुपए खर्च करके उनके तालाबों की दशा सुधारी जाएगी।

फरीदाबाद के इन 3 गांव के लोगों की लौटेंगी खुशियाँ, होने जा रहा है करोड़ों का खर्च
फरीदाबाद के इन 3 गांव के लोगों की लौटेंगी खुशियाँ, होने जा रहा है करोड़ों का खर्च

पंचायती राज विभाग ने 3 गांवों के 5 तालाबों को मॉडल तालाब के रूप में विकसित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। इस काम पर लगभग 1 करोड़ 47 लाख 70 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे।

इन तालाबों का कार्य 6 माह के भीतर समाप्त किया जायेगा।
पंचायती राज विभाग ने गांव अटाली, हीरापुर व लढौली में इस तरह के मॉडर तालाब बनाने की तैयारियां शुरू कर दी है।

गांव की खुबसुरती को बढ़ाने के लिए तालाबों के चारों तरफ हरियाली कर दी जायेगी। इसके साथ ही लोगों के घूमने-फिरने के लिए ट्रैक भी बनाया जाएगा। गांव अटाली में तीन तालाबों पर लगभग 1 करोड़ 4 लाख 65 हजार रुपये खर्च होंगे।

फरीदाबाद के इन 3 गांव के लोगों की लौटेंगी खुशियाँ, होने जा रहा है करोड़ों का खर्च
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वहीं, हीरापुर में 19 लाख 14 हजार रुपये व गांव लढौली के तालाब में 23 लाख 91 हजार रुपये खर्च होंगे। एक्सईएन पंचायती राज गजेंद्र सिंह ने बताया कि इस काम को जल्द ही शुरू किया जाना है। हम 6 महीने में काम पूरा कर लेंगे।

फरीदाबाद के कई गांवों में तालाबों की स्थिति अच्छी नहीं है। उनमें ठीक से पानी नहीं पहुंचता। तालाबों में गंदगी भी काफी अधिक है, जिससे पानी जमीन में रिचार्ज नहीं हो पाता है।

फरीदाबाद के इन 3 गांव के लोगों की लौटेंगी खुशियाँ, होने जा रहा है करोड़ों का खर्च
फरीदाबाद के इन 3 गांव के लोगों की लौटेंगी खुशियाँ, होने जा रहा है करोड़ों का खर्च

ऐसे में सरकार ने तालाबों के जीर्णोद्धार व सौंदर्यीकरण की योजना बनाई है। इसके ‘तहत तालाबों को थ्री पोंड सिस्टम के रूप में विकसित किया जा रहा है।

गांव का पानी एक तालाब में पहुंचता है, उसमें से दूसरे व फिर तीसरे तालाब में पहुंचता है। इससे अंतिम वाले तालाब में पहुंचने वाला काफी काफी हद तक साफ हो जाता है, जिसे सिंचाई आदि काम में इस्तेमाल किया जा सकता है।

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