Online se Dil tak

फरीदाबाद में नीरज शर्मा ने किया तीज के त्यौहार का आयोजन, हरियाणवी संस्कृति को बचाने के लिए दिया अनोखा संदेश

एनाआईटी फरीदाबाद विधायक नीरज शर्मा ने अपने सिरोही स्थित स्वः पडित शिवचरण लाल शर्मा जी की समाधि पर किया, तीज उत्सव का आयोजन।

फरीदाबाद में नीरज शर्मा ने किया तीज के त्यौहार का आयोजन, हरियाणवी संस्कृति को बचाने के लिए दिया अनोखा संदेश

राजनीति के साथ-साथ हरियाणवी संस्कृति को बचाने का संकल्प लेते हुए, एनआईटी फरीदाबाद विधायक नीरज शर्मा ने अपने सिरोही स्थित स्वः पडित शिवचरण लाल शर्मा जी की समाधि पर तीज महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया।

इस कार्यक्रम में हरियाणवी संस्कृति को बचाने के लिए महिलाओं को भी संकल्प दिलाते हुए आने वाली पीढ़ियों को जागरूक करने का फैसला लिया।

इस अवसर पर महिलाओ ने झूलों का आनंद लिया और लोकगीतों पर जमकर नृत्य किया। प्रोग्राम में महिलाओं ने जमकर डांस किया, कार्यक्रम में हरियाणवी वेशभूषा में महिलाओं ने पींग पर झूला झूला।

फरीदाबाद में नीरज शर्मा ने किया तीज के त्यौहार का आयोजन, हरियाणवी संस्कृति को बचाने के लिए दिया अनोखा संदेश
फरीदाबाद में नीरज शर्मा ने किया तीज के त्यौहार का आयोजन, हरियाणवी संस्कृति को बचाने के लिए दिया अनोखा संदेश

पुराने रीति-रिवाजों अनुसार तीज का त्यौहार धूमधाम से मनाया, विधायक नीरज शर्मा की धर्मपत्नी श्रीमति मधू शर्मा ने बताया कि हरियाली तीज का हमारे समाज में विशिष्ट महत्व है।

इस दिन महिलाएं तीज की पूजा से पहले सजती हैं, संवरती हैं और 16 ऋंगार करती हैं और भगवान से अखंड सुहाग की कामना करती हैं।

अखंड सौभाग्य के लिए किए जाने वाले इस व्रत में महिलाएं मां पार्वती को सुहाग की सामग्री अर्पित करती हैं। इसमें चूड़ी, सिंदूर, कंगन, मेहंदी, साड़ी, चुनरी आदि शामिल होता है।

फरीदाबाद में नीरज शर्मा ने किया तीज के त्यौहार का आयोजन, हरियाणवी संस्कृति को बचाने के लिए दिया अनोखा संदेश

इन सामग्री को अर्पित करने के साथ ही महिलाएं माता पार्वती से अखंड सौभाग्य का वरदान मांगती हैं। गुडगांव से पार्षद अश्विनी शर्मा की धर्म पत्नी सुनीता शर्मा ने भी हरियाली तीज के उत्सव के बारे में यह बताया कि पति की लंबी उम्र के लिए महिलाएं तीज का व्रत रखती हैं।

कुंवारी लड़कियां भी यह व्रत रखती हैं, ऐसी मान्यता है कि यह व्रत रखने से खुशनुमा जीवन मिलता है। तीज पर एक रस्म सिंधारे की भी होती है जो एक दिन पहले मनायी जाती है।

सिंधारा सुहागिनों के लिए बहुत खास है। इस दिन सुहागिनें मायके से आए साज.श्रृंगार के सामानों से तैयार होती हैं। सिंधारे पर दुल्हन के मायके से उसके लिए खूब सारी मिठाइयां आती हैं। वे नए कपड़े पहनकर, मेहंदी लगाती हैं और अपनी पसंदीदा चीजें खाती हैं।

Read More

Recent