HomeFaridabadआयुष्मान योजना का लाभ 94 हज़ार परिवारों को नहीं मिला हैं, पोर्टल...

आयुष्मान योजना का लाभ 94 हज़ार परिवारों को नहीं मिला हैं, पोर्टल पड़ा है बंद

Published on

आयुष्मान योजना के प्रथम चरण में करीब 94 हजार हितग्राहियों को इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। जबकि जिले में करीब डेढ़ लाख परिवारों का गोल्डन कार्ड बनना है। इसका मुख्य कारण सरकार द्वारा BIS-1.0 पोर्टल को अस्थायी रूप से बंद करना है। योजना के तहत 1.80 लाख रुपये की वार्षिक आय वाले परिवार के पांच सदस्यों को 5 लाख रुपये तक की मुफ्त स्वास्थ्य सेवा प्रदान की जाती है।

 

2018 में हुई थी योजना की शुरुआत

आयुष्मान योजना का लाभ 94 हज़ार परिवारों को नहीं मिला हैं, पोर्टल पड़ा है बंद

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आयुष्मान योजना की शुरुआत वर्ष 2018 में हुई थी। इसमें 2011 की जनगणना के अनुसार एक लाख 20 हजार रुपये वार्षिक आय वालों को शामिल किया गया था। योजना के अनुसार जिले में 1.50 हजार परिवारों का गोल्डन कार्ड बनाया जाना था। इन चार सालों में सिर्फ 96 हजार लोगों को सोना मिला है।कार्ड बन चुके हैं, जबकि 94 हजार लोगों ने कार्ड नहीं बनाए हैं। सूत्रों के मुताबिक फिलहाल पोर्टल बंद है।

 

दिव्यांगजन के परिवार को भी मिलेगा योजना का लाभ

आयुष्मान योजना का लाभ 94 हज़ार परिवारों को नहीं मिला हैं, पोर्टल पड़ा है बंद

वहीं बता दें कि अभी पोर्टल बंद है। पता नहीं पोर्टल फिर कब शुरू होगा। वहीं, करीब 64 हजार परिवारों को चिरायु योजना से बाहर कर दिया गया है। अब जिले में 4.97 लाख परिवारों के गोल्डन कार्ड बनेंगे। इससे पहले 5.61 लाख परिवारों के गोल्डन कार्ड बनने थे। बताया जा रहा है कि कई लोगों के दस्तावेजों और सालाना आय में गड़बड़ी की वजह से उन्हें योजना से बाहर कर दिया गया है। योजना के तहत 1.80 लाख रुपये की वार्षिक आय वाले परिवार के पांच सदस्यों को 5 लाख रुपये तक की मुफ्त स्वास्थ्य सेवा प्रदान की जाती है। इसके अलावा दिव्यांगजन के परिवार को भी योजना का लाभ मिलेगा।

उद्देश्य लाभार्थियों का कार्ड बनाना सरकार का मकसद

आयुष्मान योजना का लाभ 94 हज़ार परिवारों को नहीं मिला हैं, पोर्टल पड़ा है बंद

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विनय गुप्ता ने बताया,

“सरकार की पहली चिरायु योजना का उद्देश्य लाभार्थियों का कार्ड बनाना है। इसके चलते पोर्टल को बंद करने का निर्णय लिया गया है।”

 

 

Latest articles

मैं किसी बेटी का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकती – रेणु भाटिया (हरियाणा महिला आयोग की Chairperson)

मैं किसी बेटी का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकती। इसके लिए मैं कुछ भी...

नृत्य मेरे लिए पूजा के योग्य है: कशीना

एक शिक्षक के रूप में होने और MRIS 14( मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल सेक्टर...

महारानी की प्राण प्रतिष्ठा दिवस पर रक्तदान कर बनें पुण्य के भागी : भारत अरोड़ा

श्री महारानी वैष्णव देवी मंदिर संस्थान द्वारा महारानी की प्राण प्रतिष्ठा दिवस के...

More like this

मैं किसी बेटी का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकती – रेणु भाटिया (हरियाणा महिला आयोग की Chairperson)

मैं किसी बेटी का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकती। इसके लिए मैं कुछ भी...

नृत्य मेरे लिए पूजा के योग्य है: कशीना

एक शिक्षक के रूप में होने और MRIS 14( मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल सेक्टर...