नई प्रॉपर्टी आईडी में त्रुटियों की भरमार को देखते हुए सरकार ने क्षेत्रीय कार्य धान अधिकारी जेडटीओ का कार्यक्षेत्र बढ़ा दिया है। अब जेडटीओ प्लॉट के साइन, नाम और मोबाइल नंबर समेत अन्य शिकायतों को अपने स्तर पर दूर कर सकेंगे। पहले यह कार्य अतिरिक्त निगम आयुक्त की मंजूरी पर होता था। निगम क्षेत्र मे करीब सात लाख प्रॉपर्टी आईडी है।
प्रदेश सरकार ने याशी कंपनी से शहर में नई प्रॉपर्टी आईडी बनवाई है। कंपनी की प्राप्ति आईडी में प्लॉट का साइज कॉलोनी का नाम गली नंबर मोबाइल समेत अन्य कोई प्रकार की कमियां है। दूसरी और दो लाख प्रॉपर्टी की आईडी में मालिक का नाम और मोबाइल नंबर तक नहीं है। ऐसे में इन प्राप्ति आईडी को भी निगम को ठीक कराने में परेशानी आ रही है।

दूसरी ओर सरकार नई प्रॉपर्टी आईडी की कमियों को जल्द दूर करना चाहती है जिसे हाउस टैक्स वसूली का कार्य सेट हो सके। अभी प्रोपर्टी आईडी कि नहीं होने से लोग टैक्स नहीं भर पा रहे हैं। इसके लिए नगर निगम की ओर से पिछले सप्ताह 2 दिन के लिए कैंप लगाया गया था। इसमें करीब 18 सौ शिकायतें मिली थी जिन्हें दूर किया जा रहा है दूसरी ओर प्रदेश सरकार ने जेडटीओ के कार्यक्षेत्र को आगे कर दिया हैं।

निगम के क्षेत्रीय कार्य दान अधिकारी एनआईटी 2 पदम सिंह ढांडा ने बताया कि बेटियों को कुछ पागल मिली है। इसमें प्राप्ति आईडी में मोबाइल नंबर ठीक करने, नाम सही करने और प्लॉट के साइज को सही करने समेत छोटे का रिजल्ट भी अपने स्तर पर कर सकेंगे।

पहले यह कार्यक्रम में नगर निगम आयुक्त की आईडी से होता था। जेडटीओ ने बताया कि इसमें लोगों की मामले शिकायतें जल्द दूर हो सकेंगी। शहर की याद सी कंपनी ने 5.75 लाख नई प्रॉपर्टी आईडी बनाई है।

इसके अलावा ग्रेटर फरीदाबाद समेत 24 गांवों में करीब 1.54 लाभ प्राप्ति आईडी है। निगम क्षेत्र में एनआईटी एक व दो व तीन जॉन है। इसके अलावा फरीदाबाद में दो और बल्लमगढ़ में दो जेडटीओ कार्यालय हैं।