फरीदाबाद में पुलिस प्रशासन सख़्ती से कार्यवाही करते हुए नजर आ रही है दरअसल पुलिस प्रशासन द्वारा हजारों वाहनों का चालान किया जा रहा है जिसमें चालान हो रहे वाहन का प्रदूषण सर्टिफिकेट ना होना तथा हॉर्न काफी अधिक होना जिससे ध्वनि प्रदूषण होता है, इन वाहनों का चालान किया जा रहा है।

जानकारी के लिए बता दे की फरीदाबाद में रोजाना लगभग एक हजार से अधिक वाहनों का चालान हो रहा है इसमें दो पहिया और चार पहिया वाहन दोनों को मिलाकर हैं । शहर में बढ़ रहे प्रदूषण को देखते हुए (जिसमें ध्वनि और वायु प्रदूषण से पर्यावरण दूषित हो रहा है) इस पर नियंत्रण रखने के लिए यातायात पुलिस द्वारा कार्यवाही की जा रही है ।
जानकारी के मुताबिक वाहनों का प्रदूषण ₹100 का बनता है जिनकी समय अवधि 6 महीने या 1 वर्ष की होती है परंतु यदि यह प्रदूषण न बनवाया जाए तो इसका चालान बहुत अधिक होता है। अब यदि भारी वाहनों की बात की जाए तो फरीदाबाद में रोजाना करीब तीन से चार लाख रुपए का चालान यातायात पुलिस द्वारा किया जाता है।

पुलिस प्रशासन के अनुसार इन चालानों के होने से लोगों में जागरुकता आएगी तथा लोग अपनी वाहनों के सभी दस्तावेजों को साथ रखेंगे तथा प्रदूषण सर्टिफिकेट जैसे महत्वपूर्ण कार्य करवा कर जरूर रखेंगे । इससे न सिर्फ लोगों में जागरुकता आएगी बल्कि शहर को भी साफ सुथरा व प्रदूषण मुक्त रखा जा सकेगा।



