फरीदाबाद को स्मार्ट सिटी बनाने का सपना संजोए फरीदाबाद में सिटी बस सेवा की हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। शहर में एफएमडीए द्वारा चलाई जा रही बसों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि आम यात्रियों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के लिए बता दें कि पांच साल पहले शुरू की गई यह सेवा अब मरम्मत और देखरेख के अभाव में जर्जर हो चुकी है। शहर में फिलहाल करीब 50 बसें 10 अलग-अलग रूटों पर चलाई जा रही हैं। लेकिन इन बसों के रखरखाव के लिए अभी तक कोई स्थायी सर्विस सेंटर उपलब्ध नहीं है।

बता दें कि बसों की हालत लगातार खराब हो रही है और अधिकारी जानते हुए भी समाधान नहीं निकाल पा रहे हैं। यात्रियों और बस चालकों ने कई बार इसकी शिकायत की है, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।

ज्यादातर बसों में सफाई न होने के कारण धूल की मोटी परत जमी होती है। सफर के दौरान यह धूल यात्रियों को परेशानी देती है। बसों की तकनीकी स्थिति भी खराब हो चुकी है। लो-फ्लोर बसें जर्जर सड़कों पर ठीक से नहीं चल पातीं। कई बार तो ये रास्ते में ही बंद हो जाती हैं।

इन बसों में नीचे लगे एयर बैग अक्सर उबड़-खाबड़ सड़कों से टकराकर फट जाते हैं, जिससे बस बीच रास्ते में ही खड़ी हो जाती है। हालत यह है कि यात्रियों से पूरे किराए की वसूली की जा रही है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर उन्हें टूटती-फूटती बसें, धूलभरा माहौल और बार-बार खराब होती सेवा ही मिल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों को शहरी हिस्सों से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई यह सेवा अब खुद सुधार की राह देख रही है।



