फरीदाबाद के शहरी और ग्रामीण इलाकों में उपेक्षित पड़े तालाब अब नई पहचान पाने वाले हैं। नगर निगम ने जिले के 24 से अधिक तालाबों को पुनर्जीवित करने की दिशा में ठोस कदम उठाया है। निगम इन तालाबों को अमृत सरोवर के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर चुका है।

अधिकारियों के अनुसार, यह पहल न सिर्फ शहर के लगातार गिरते भूजल स्तर को सुधारने में मदद करेगी, बल्कि मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को भी काफी हद तक कम करेगी। वर्तमान में फरीदाबाद के कई इलाकों में भूजल स्तर खतरनाक रूप से नीचे जा चुका है और कुछ क्षेत्र डार्क ज़ोन में शामिल हो चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि प्राकृतिक जल स्रोतों, खासकर तालाबों की उपेक्षा, इस गिरावट का मुख्य कारण है।

जानकारी के मुताबिक, कभी फरीदाबाद में करीब 76 तालाब हुआ करते थे, लेकिन समय के साथ इनमें से अधिकांश पर अवैध कब्जे हो गए। इसके चलते न सिर्फ तालाबों का पानी प्रदूषित हुआ बल्कि आसपास के क्षेत्रों में गंदगी भी फैल गई।

प्रशासन ने वर्ष 2019 में 22 तालाबों के जीर्णोद्धार की योजना बनाई थी, हालांकि यह कार्य पूरा नहीं हो सका। इसके बाद पिछले साल 32 तालाबों को पुनर्जीवित करने का प्रस्ताव भी आगे नहीं बढ़ पाया। अब निगम की नई पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि शहर को स्वच्छ और जल-संपन्न बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम साबित होगा।




