सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के दावे कर रही हो, लेकिन फरीदाबाद के एसी नगर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर की जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां करती है। यहां मूलभूत सुविधाओं की कमी और सफाई व्यवस्था की बदहाली ने मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों दोनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, परिसर का मुख्य द्वार लंबे समय से टूटा हुआ है, जिसके कारण कोई भी व्यक्ति बिना रोक-टोक अंदर प्रवेश कर जाता है। मुख्य गेट के पास आसपास के लोग कूड़ा डाल जाते हैं, जिससे जगह-जगह गंदगी और बदबू फैलती रहती है।

स्थिति यह है कि आवारा पशु अक्सर गेट के पास मंडराते दिखाई देते हैं, जिससे मरीजों और कर्मचारियों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय निवासियों ने निगम प्रशासन से सफाई व्यवस्था सुधारने और परिसर की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि यहां इलाज कराने आने वाले मरीजों को स्वच्छ और सुरक्षित माहौल मिल सके।



