बीके अस्पताल में चल रहा निर्माण कार्य इन दिनों मरीजों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। अस्पताल परिसर में जगह-जगह खुदाई और निर्माण सामग्री जमा होने से लगातार धूल उड़ रही है, जिससे खासतौर पर सांस संबंधी रोगियों की स्थिति और बिगड़ रही है।

ओपीडी से लेकर इमरजेंसी विभाग तक जाने वाले मुख्य रास्तों पर गहरे गड्ढे बने हुए हैं और आसपास निर्माण का मलबा बिखरा पड़ा है, जिसके चलते मरीजों तथा उनके परिजनों को अस्पताल के भीतर आवाजाही में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

धूल-मिट्टी बढ़ने से परिसर का वायु प्रदूषण स्तर भी काफी बढ़ गया है। अस्थमा, एलर्जी और श्वसन समस्याओं से जूझ रहे मरीज अस्पताल पहुंचते ही खांसी, सांस फूलने और आंखों में जलन जैसी दिक्कतों की शिकायत कर रहे हैं।

लोगों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन को निर्माण कार्य के दौरान सफाई व्यवस्था बेहतर करने और धूल नियंत्रण के उपाय अपनाने चाहिए। मरीजों के मुताबिक न तो पानी का छिड़काव हो रहा है और न ही निर्माण सामग्री को ढकने जैसी कोई व्यवस्था दिखाई दे रही है।



