फरीदाबाद में नगर निगम ने शहर की सफाई प्रणाली को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ओल्ड फरीदाबाद ज़ोन में अब मशीनीकृत सफाई व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे सड़कों पर जमी धूल कम होने और सफाई कार्यों में गति आने की उम्मीद है। इस नई व्यवस्था के तहत इलेक्ट्रिक मशीनीकृत सड़क स्वीपिंग मशीनों से नियमित सफाई की जाएगी।

फरीदाबाद, जो एनसीआर का प्रमुख औद्योगिक शहर है, सर्दियों के मौसम में धूल और प्रदूषण की मार झेलता है। विशेषज्ञों के अनुसार, सड़कों पर जमा धूल शहर की वायु गुणवत्ता को खराब करने में बड़ी भूमिका निभाती है।

परियोजना का सबसे खास पहलू यह है कि इसमें महिलाओं और अनुसूचित जाति की सहकारी समितियों के लिए 7 करोड़ रुपये के कार्य आरक्षित रखे गए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर सामाजिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा। अधिकारियों का कहना है कि इस मॉडल में सफाई और सामाजिक भागीदारी, दोनों पहलुओं को समान महत्व दिया गया है।

निगम की मशीनीकृत सफाई योजना का उद्देश्य इसी धूल को कम करना है। अधिकारियों ने बताया कि नई एमआरएसएम मशीनें पारंपरिक सफाई तरीकों की तुलना में अधिक असरदार हैं और प्रदूषण के स्तर में कमी लाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।



