नेशनल हाईवे से ग्रामीण क्षेत्रों को कुंडली–गाज़ियाबाद–पलवल (KGP) एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला रास्ता अब और सुगम बनने जा रहा है। प्याला रेलवे फाटक के ऊपर तैयार किया जा रहा फ्लाईओवर एक बार फिर रफ्तार पकड़ चुका है। त्योहारों के कारण लगभग तीन सप्ताह तक रुके काम को विभाग ने दोबारा शुरू करा दिया है और इस समय पिलरों पर स्लैब डालने का कार्य चल रहा है। इसके बाद गर्डर लगाने की प्रक्रिया शुरू होगी।

फ्लाईओवर तैयार होने के बाद प्याला फाटक पर लगने वाला जाम पूरी तरह खत्म होने की उम्मीद है। फाटक पार करने में होने वाली देरी और बार-बार होने वाले हादसों से लोगों को राहत मिलेगी।

इस परियोजना की शुरुआत की कहानी भी लंबी रही है। साल 2018 में यहां अंडरपास बनाने की मंजूरी तो मिल गई थी, लेकिन 2019 में काम शुरू होते ही गेल इंडिया ने आपत्ति जताई। कंपनी ने बताया कि प्रस्तावित अंडरपास की सीमा में उनकी दो महत्वपूर्ण पाइपलाइनें आ रही हैं, जो यहां से छांयसा की ओर जाती हैं। पाइपलाइन हटाने को लेकर रेलवे और गेल के अधिकारियों के बीच सहमति नहीं बन पाई। इसके चलते अंडरपास योजना को रद्द कर रेलवे ने लगभग 37 करोड़ रुपये की लागत से फ्लाईओवर निर्माण को स्वीकृति दे दी।

प्रोजेक्ट इंजीनियर अब्बास के अनुसार, यह फ्लाईओवर दो जिलों के बीच आवाजाही को बहुत आसान कर देगा। पलवल जिले के असावटी गांव से लोग पहले प्याला फाटक पार करने में आधा से एक घंटा लगा देते थे, लेकिन फ्लाईओवर तैयार होने के बाद यह दूरी महज पांच मिनट में तय हो सकेगी।

इसके साथ ही नेशनल हाईवे से प्याला होकर डीग, फतेहपुर बिल्लौच, नरियाला, मोहना और छांयसा की तरफ होते हुए KGP एक्सप्रेसवे तक पहुँचना भी कहीं अधिक सुविधाजनक हो जाएगा। अनुमान है कि इस मार्ग के शुरू होने से लगभग 50 गांवों की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा।



