शहर की प्रमुख सड़कों पर लावारिस पशुओं की बढ़ती संख्या लोगों के लिए गंभीर समस्या बनती जा रही है। गाय, बैल और अन्य मवेशी दिनभर सड़कों पर विचरण करते रहते हैं, जिससे यातायात लगातार बाधित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। व्यस्त चौराहों और बाजारों में अचानक पशुओं के आ जाने से वाहनों की लाइन लग जाती है और कई बार जाम की स्थिति बन जाती है।

डबुआ कॉलोनी निवासी कविता बताती हैं कि शाम होते ही सड़कों पर निकलना मुश्किल हो जाता है। कई बार मवेशी अचानक दौड़ पड़ते हैं, जिससे हादसे का डर बना रहता है। संजय कॉलोनी के सुरेश के अनुसार, बार-बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति जस की तस है। उनका कहना है कि बच्चे भी डर की वजह से सड़कों पर खेलने नहीं निकलते।

जवाहर कॉलोनी के ओम प्रकाश बताते हैं कि लावारिस पशुओं की वजह से रोज जाम की समस्या पैदा होती है, लेकिन प्रशासन केवल आश्वासन देकर चुप बैठ जाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम की टीमें लंबे समय से सड़कों पर नजर नहीं आ रहीं, जिसके चलते हालात लगातार बिगड़ रहे हैं।

नागरिकों ने मांग की है कि प्रशासन तुरंत विशेष अभियान चलाकर सड़कों से आक्रामक और लावारिस पशुओं को हटाए और उन्हें सुरक्षित स्थलों पर भेजे, ताकि दुर्घटनाओं और यातायात अव्यवस्था पर रोक लग सके।



