गुरुग्राम–फरीदाबाद के बीच स्थित मांगर बनी क्षेत्र में वन्य जीव विभाग दो नए वॉच टावर बनाने की तैयारी में है। इन टावरों के तैयार होने के बाद न केवल वन अधिकारी अरावली क्षेत्र में वन्य जीवों की गतिविधियों पर बेहतर निगरानी रख सकेंगे, बल्कि पर्यटकों को भी ऊँचाई से अरावली के घने जंगलों और प्राकृतिक सुंदरता को देखने का मौका मिलेगा।

विभाग पहले ही लेपर्ड ट्रेल मार्ग को बेहतर बनाकर पर्यटकों को अरावली का करीब से अनुभव कराने की सुविधा दे चुका है। वहीं मानेसर की ओर अरावली को संरक्षित करने के लिए एक सुरक्षा दीवार खड़ी की जानी है, ताकि जंगली जानवर सड़क तक न पहुंचें और दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

जिला वन्य जीव अधिकारी आर.के. जांगड़ा के अनुसार, दोनों वॉच टावरों की टेंडर प्रक्रिया जारी है। करीब 30–35 फीट ऊँचे इन टावरों से जहां विभागीय टीमें लगातार मॉनिटरिंग कर पाएंगी, वहीं पर्यटक भी ऊपर से वन क्षेत्र, वन्य जीवों और अरावली की हरियाली का खूबसूरत नज़ारा देख सकेंगे।

अरावली के इस हिस्से में तेंदुए सहित कई जंगली जीव पाए जाते हैं, जिस कारण लोग अक्सर भीतर तक जाने से हिचकिचाते हैं। लगभग 1,500 वर्ग किलोमीटर में फैला मांगर बनी क्षेत्र अरावली का बेहद घना और समृद्ध वन हिस्सा माना जाता है, जहाँ बड़ी संख्या में पशु-पक्षियों का निवास है।



