प्रतापगढ़ के आयुष्मान आरोग्य मंदिर में दवाओं की कमी और अव्यवस्थित सफाई व्यवस्था से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। केंद्र में पहुंचने वाले लोगों का कहना है कि कई आवश्यक दवाएं उपलब्ध नहीं होतीं, जबकि परिसर में उगी झाड़ियां साफ-सफाई की वास्तविक स्थिति बयां करती हैं। अन्य शहरी स्वास्थ्य केंद्रों की तरह यहां भी सुबह से ही भीड़ उमड़ने लगती है, जिससे मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।

चिकित्सा अधिकारी डॉ. हेमंत शर्मा ने बताया कि केंद्र पर मरीजों की मांग के अनुसार दवाएं उपलब्ध कराना संभव नहीं है। उनके अनुसार, विभाग की ओर से जो दवाएं भेजी जाती हैं, वही मरीजों को दी जाती हैं।
उन्होंने कहा कि कई बार खांसी की सीरप की जगह गोलियां मिलती हैं, जिससे मरीजों को लगता है कि दवा अधूरी दी जा रही है, जबकि यह गलतफहमी है। पूरे एक महीने की दवा एक साथ जारी करनी होती है, ऐसे में कुछ दवाओं का स्टॉक कभी-कभी खत्म हो जाता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि केंद्र की इमारत भी काफी जर्जर हालत में है। अधिकारियों ने बताया कि भवन की मरम्मत जल्द ही शुरू की जाएगी।



