ग्रेटर फरीदाबाद के तेजी से विकसित हो रहे सेक्टरों में पेयजल की किल्लत जल्द खत्म हो सकती है। लंबे इंतजार के बाद फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण ने सेक्टर 75 से 89 तक मास्टर वाटर सप्लाई लाइन बिछाने की स्वीकृति दे दी है। इस फैसले के बाद क्षेत्र में रह रहे हजारों परिवारों को अब नियमित सरकारी पेयजल मिलने की उम्मीद जगी है।

ये सेक्टर शहर के आधुनिक और प्रीमियम रेजिडेंशियल ज़ोन में गिने जाते हैं, लेकिन विडंबना यह है कि यहां सरकारी पानी की व्यवस्था अब तक पूरी नहीं हो पाई थी। कई सोसाइटियों में आज भी पानी की जरूरत टैंकरों और बोरिंग से पूरी की जाती है, जिससे लोगों को हर महीने भारी खर्च उठाना पड़ता है। बोरिंग से मिलने वाला पानी जमीनी स्तर में गिरावट और बढ़ते टीडीएस के कारण पीने योग्य नहीं माना जाता।

निवासियों की ओर से लगातार यह मांग उठाई जा रही थी कि मास्टर पाइपलाइन का काम पूरा कर इन सेक्टरों को स्वच्छ और स्थायी जल आपूर्ति से जोड़ा जाए। अब मंजूरी के बाद काम शुरू होने से यह समस्या खत्म होने की राह पर दिखाई दे रही है।

एफएमडीए शहर की जल आपूर्ति क्षमता को मजबूत करने के लिए मास्टर प्लान 2031 के तहत बड़े स्तर पर काम कर रहा है। फिलहाल फरीदाबाद में करीब 330 एमएलडी पानी उपलब्ध है, जबकि आने वाले वर्षों में इसे बढ़ाकर 700 एमएलडी तक ले जाने का लक्ष्य है। इसके लिए रेनीवेल, बूस्टिंग स्टेशन, स्मार्ट मीटरिंग और लीकेज-फ्री नेटवर्क जैसी आधुनिक तकनीकों पर काम चल रहा है।

ग्रेटर फरीदाबाद क्षेत्र मंझावली रेनीवेल की सप्लाई लाइन से जुड़ रहा है, जिससे भविष्य में यहां बेहतर दबाव के साथ गुणवत्ता वाला पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा। स्थानीय निवासियों को उम्मीद है कि यह निर्णय क्षेत्र की सबसे पुरानी समस्या को स्थायी समाधान देगा।



