स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर में चल रही बस सेवाओं में महिलाओं के लिए अभी तक आरक्षित सीटें नहीं हैं, जिसके चलते कई महिला यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर गर्भवती और बुजुर्ग महिलाओं को अक्सर सीट न मिलने पर खड़े होकर सफर करना पड़ता है।

वर्तमान में स्मार्ट सिटी की लाइफ लाइन कही जाने वाली 50 सिटी बसें 10 अलग-अलग रूटों पर संचालित होती हैं और ग्रामीण इलाकों को शहर से जोड़ती हैं। लेकिन इन बसों में महिलाओं के लिए अलग सीट आरक्षण की व्यवस्था नहीं है। कई महिलाओं ने बताया कि यात्रा के दौरान कभी पुरुष सीट दे देते हैं, तो कई बार मना कर देते हैं, जिससे उन्हें असुविधा होती है।

इस मुद्दे पर कई बार महिला यात्रियों की ओर से अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। उनकी मांग है कि अन्य राज्यों की बसों की तरह यहां भी कम से कम दो से तीन सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जानी चाहिए, ताकि उन्हें सुरक्षित और आरामदायक यात्रा मिल सके।

वहीं दिव्यांग यात्रियों के लिए बसों में पहले से दो सीटें आरक्षित हैं। सिटी बस इंचार्ज अंकित के अनुसार महिलाओं के लिए कोई अलग सीट व्यवस्था नहीं है, लेकिन जरूरत पड़ने पर परिचालक उनकी मदद करते हैं और सीट दिलवाने की कोशिश करते हैं।




