सर्दियों के आते ही फरीदाबाद की हवा हर वर्ष जहरीली हो जाती है और लोगों को सांस लेने तक में दिक्कत होने लगती है। प्रदूषण की इसी समस्या से निपटने के लिए अब नगर निगम के साथ एफएमडीए भी सक्रिय हो गई है। एफएमडीए बड़े पैमाने पर जल छिड़काव की तैयारी में जुटी है, जिसके लिए एंटी-स्मॉग गन और अत्याधुनिक वाटर जेट स्प्रे मशीनों को मैदान में उतारने की योजना बनाई गई है।

इन मशीनों के जरिए शहर की सड़कों, मुख्य चौराहों और निर्माण स्थलों पर उड़ने वाली धूल को नियंत्रित किया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि हवा में मौजूद महीन धूलकणों को नीचे बैठाने में यह तकनीक काफी प्रभावी साबित होती है।

एफएमडीए की ओर से लगाए जाने वाले एंटी-स्मॉग वाहनों में सीएनजी और आधुनिक उत्सर्जन मानकों का पालन करने वाली तकनीक का उपयोग किया जाएगा, ताकि प्रदूषण पर नियंत्रण के प्रयासों के दौरान पर्यावरण को अतिरिक्त नुकसान न हो।

वहीं वाटर स्प्रे मशीनों को जीपीएस से जोड़ा गया है, जिससे उनकी लोकेशन और कार्यक्षेत्र की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा सकेगी और पता लगाया जा सकेगा कि वास्तव में कितने स्तर पर काम हो रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रदूषण रोकने की घोषणाएं तो हर साल की जाती हैं, लेकिन जमीनी प्रभाव बहुत कम देखने को मिलता है। कई इलाकों में स्थिति यह है कि खिड़कियां खोलते ही धूल घरों में भर जाती है और कपड़ों पर तक जम जाती है।

लोगों की मांग है कि इस बार अभियान सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे। जीपीएस मॉनिटरिंग का डाटा सार्वजनिक किया जाए और इसका सख्ती से पालन हो, तभी फर्क दिखेगा।



