विश्व प्रसिद्ध सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले की तैयारियां अब रफ्तार पकड़ने लगी हैं। प्रशासन और पर्यटन विभाग की टीमें सूरजकुंड परिसर में मरम्मत और सफाई के काम को तेजी से आगे बढ़ा रही हैं। मेले क्षेत्र में जहां-जहां टूट-फूट नज़र आई है, वहां सुधार कार्य किया जा रहा है और बुनियादी ढांचे को दुरुस्त किया जा रहा है।

पर्यटन विभाग ने इस बार स्टॉल आवंटन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। इसके लिए एक क्यूआर कोड जारी किया गया है, जिसके माध्यम से आवेदक 1 दिसंबर से 20 दिसंबर तक ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगे।

मेले में भारतीय संस्कृति को पारंपरिक रूप में पेश करने की तैयारी भी शुरू हो चुकी है। स्टॉल और दीवारों को पारंपरिक शैली में गोबर से लीपकर सजाया जाएगा, ताकि आगंतुकों को गांव की सादगी और देसी माहौल का अनुभव हो सके।

कारीगरों, कलाकारों और स्थानीय कारोबारियों में मेले को लेकर खासा उत्साह है। प्रशासन का कहना है कि सभी तैयारियां तय समय पर पूरी कर ली जाएंगी और मेले को बेहतर अनुभव देने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है।



