जिले के खिलाड़ी विभिन्न खेलों में लगातार पदक जीतकर नाम रोशन कर रहे हैं, लेकिन विडंबना यह है कि वे जिन मैदानों में अभ्यास करते हैं, वहीं उनकी सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल बन गई है। सेक्टर-12 स्थित खेल परिसर में बास्केटबॉल और वॉलीबॉल कोर्ट की स्थिति इतनी खराब है कि खिलाड़ी हर दिन जोखिम उठाकर अभ्यास करने को मजबूर हैं।

बास्केटबॉल कोर्ट में वर्षों पहले लगाए गए पोल अब भी बिना बदलाव के इस्तेमाल किए जा रहे हैं। कोर्ट के फर्श पर कई जगह गहरी दरारें पड़ चुकी हैं, जिन पर ध्यान देने की बजाय खेल प्रशासन चुप्पी साधे हुए है।

मैदान के चारों ओर उगी घनी झाड़ियां विषैले कीड़ों और मकौड़ों का घर बन चुकी हैं। खिलाड़ी बताते हैं कि अभ्यास के दौरान यह विचार बार-बार मन में आता है कि पहले खेल पर ध्यान दें या किसी अनहोनी से बचने की चिंता करें।

पुराने पड़े पोल किसी भी समय हादसे का कारण बन सकते हैं। रोहतक में सोमवार को हुए दुखद हादसे के बाद खिलाड़ियों के मन में डर और गहराता जा रहा है। वहां अभ्यास करते समय पुराना पोल टूटकर गिरा और एक खिलाड़ी की मौत हो गई। इससे जिले के खिलाड़ियों का भय और बढ़ गया है।
हालांकि, खराब स्थिति सिर्फ बास्केटबॉल कोर्ट तक सीमित नहीं है; खेल परिसर के अन्य मैदानों की हालत भी बेहतर नहीं है, जिससे खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर प्रश्न लगातार खड़े हो रहे हैं।



