यमुना नदी का जलस्तर सामान्य होने के बावजूद लोक निर्माण विभाग दो गांवों में पांटून पुल स्थापित नहीं कर पाया है। पुल लगाने की रफ्तार बेहद धीमी है, जिसके कारण किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने में भारी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।

शाहजहांपुर, साहुपुरा, चांदपुर, अरुआ, फज्जुपुर, इमामुद्दीनपुर, नया गांव, मोठ्का, लतीफपुर और दूल्हेपुर इन गांवों के हजारों किसानों की जमीन यमुना के पार स्थित है। हर साल किसान इन खेतों तक जाने के लिए पांटून पुलों का इस्तेमाल करते हैं। लोक निर्माण विभाग द्वारा तीन पुल लगाए जाते हैं एक एतमादपुर में, दूसरा शाहजहांपुर के पास और तीसरा छांयसा में।

मॉनसून शुरू होने से पूर्व 15 जून के आसपास इन पुलों को हटा दिया जाता है और सामान्य हालत लौटते ही 15 अक्टूबर तक दोबारा लगा दिया जाता है। लेकिन इस बार बारिश अधिक होने के कारण प्रक्रिया में देर हो गई। फिलहाल एतमादपुर में पुल लगा दिया गया है, लेकिन शाहजहांपुर और छांयसा में निर्माण कछुआ गति से आगे बढ़ रहा है।

धीमी प्रगति का सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है। खेतों तक पहुंचने के लिए उन्हें अब 10 से 12 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है, जिससे बुआई का समय भी प्रभावित हो रहा है।



