फरीदाबाद नगर निगम शहर में हरे कचरे के प्रबंधन को नई दिशा देने जा रहा है। पार्कों से गिरने वाले पत्ते, बागवानी से निकलने वाला मलबा और घरों का जैविक कचरा अब सीधे डंपिंग यार्ड नहीं भेजा जाएगा। इसके बजाय इन्हीं अवशेषों से उच्च गुणवत्ता वाली खाद तैयार की जाएगी।

स्वच्छता में सुधार और डंपिंग यार्ड पर बढ़ते बोझ को कम करने के लिए निगम ने सेक्टर-11, सेक्टर-14 और सेक्टर-8 में आधुनिक ग्रीन वेस्ट प्रोसेसिंग मशीनें लगाने का फैसला किया है। इन तीनों मशीनों के माध्यम से प्रतिदिन करीब 15 टन हरे कचरे को प्रोसेस कर उपयोगी जैविक खाद बनाई जाएगी। प्रत्येक मशीन की क्षमता प्रतिदिन लगभग पांच टन कचरा प्रोसेस करने की होगी।

शहर में हर दिन 60 से 70 टन तक गीला कचरा निकलता है, जिसमें पार्कों की घास, सूखे–हरे पत्ते, पेड़ों की कटाई का मलबा, फूल-पौधों के अवशेष और अन्य बागवानी कचरा सबसे अधिक मात्रा में होता है। अभी तक यह पूरा कचरा सीधा डंपिंग यार्ड पहुंच रहा था, जिससे वहां कचरे का ढेर बढ़ने के साथ बदबू और प्रदूषण की समस्या तेज होती जा रही थी।

नई प्रणाली के तहत इस कचरे को पहले मशीन में काटा जाएगा, फिर सुखाकर उसकी जैविक प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसके बाद तैयार खाद शहर के पार्कों और हरित क्षेत्रों में उपयोग की जाएगी। मशीनों के संचालन के लिए प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती की जाएगी और तैयार खाद की गुणवत्ता की नियमित जांच भी होगी, ताकि इसका उपयोग सुरक्षित और प्रभावी तरीके से किया जा सके।



