कृषि विभाग की ओर से फसल अवशेष प्रबंधन स्कीम के तहत किसानों को कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने के लिए 80 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। उप कृषि निदेशक डॉ. अनिल ने बताया की फसल अवशेषों को खेत में मिलाने व अन्य प्रबंधन करने के लिए व्यक्तिगत श्रेणी में किसानों को 50 प्रतिशत तथा सेंटर स्थापित करने के लिए 80 प्रतिशत अनुदान का दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि जमीन की उर्वरा शक्ति बनाये रखने तथा पर्यावरण प्रदुषण को कम करने के मद्देनजर केंद्र सरकार द्वारा फसल अवशेषों खासकर धान फसल के अवशेषों को खेतो में या खेतो से बाहर मशीनों द्वारा प्रबंधन के लिए किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध किये जा रहे हैं।

इसमें 9 प्रकार के कृषि यंत्र व मशीनें, जिसमें सामान्य जाति के किसानो को दो सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट, सामान्य जाति की पांच व अनुसूचित जाति के लिए दो स्ट्रा वेलर, सामान्य जाति की तीन पैडी स्ट्रा चॉपर, सामान्य जाति के लिए दो सुपर एसएमएस, सामान्य जाति के लिए पांच व अनुसूचित जाति के लिए एक रोटरी सैल्सर, सामान्य जाति के लिए एक एमबी प्लाओ, सामान्य जाति के लिए दो सुपर श्रेडर, सामान्य जाति की पांच व अनुसूचित जाति के लिए दो जीरो ट्रिल ड्रिल, सामान्य जाति के लिए दो ट्रेक्टर माउन्टिंग कोर्प, रिपर कम वायिंडर शामिल है।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत एक किसान अधिकतम विभिन्न प्रकार की तीन मशीन ले सकता है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा इन कृषि यंत्रों को अनुदान के लिए 21 अगस्त तक आवेदन आमंत्रित किये गये हैं। किसान विभाग की वेबसाइट पर आवेदन पंजीकरण करवा सकते हैं।
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