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शादी करके बच्चे पैदा करना चाहती है जया किशोरी, देखिए बचपन में कितनी सुंदर थी साध्वी

दुनिया को अध्यात्म का ज्ञान देने वाली जया किशोरी बसाना चाहती है घर क्यों। कहने को तो अध्यात्म एक ऐसी चीज़ होती है जिसके ज्ञान से हम सबकुछ समझ जाते है। भौतिक और सांसारिक सुखों से हम विमुख हो जाते है। विमुख इसीलिए नहीं होते है कि हमे वो सुख नहीं मिलते, विमुख इसीलिए होते है कि हम उन तमाम सच्चाई को जान चुके होते हैं। जो संसार में नास्तिक है आस्तिक नहीं है।

क्योंकि इंसान अगर जन्म लेता है तो उसकी मृत्यु होना निश्चित है और इन्ही तमाम चीज़ों को ध्यान में रखते हुए जया किशोरी बचपन से ही मोटिवेशनल स्पीकर रही हैं, मोटिवेट करती रही है। अध्यात्म का ज्ञान होते हुए उन्होंने इतनी सारी बातें रखी है कि आज वो युवाओं के दिल में एक ऐसी जगह बनाती है कि सोशल एक्टिविटी करते हुए सोशल साइट्स पर, सोशल प्लेटफार्म पर वो बेहद फेमस है।

ट्विटर के जिक्र करें, इंस्टाग्राम का जिक्र करें वो वहां हमेशा एक्टिव रहती है और युवाओं के दिल में एक अलग से जगह बनाई हुई है।

अब ऐसे में इस तरीके की खबर का आना इन चाहने वालों के लिए एक बड़ा सवाल है जो जया किशोरी लोगों को सलाह देती है कि आप मोह माया, छल कपट से दूर जाए वहीं संसार बसाना चाहती है, वहीं विवाह करना चाहती है, वहीं बच्चे को जन्म देना चाहती है।

देखिए सभी का एक व्यक्तिगत जीवन होता है, सांसारिक जीवन होता है। कोई भी कभी भी किसी भी तरीके का अपना डिसीज़न ले सकता है। और इसी के तहत शायद हम यही कहेंगे कि जया किशोरी का भी ये अपना व्यक्तिगत डिसीजन हो सकता है। आपको बता दे जया किशोरी राजस्थान से आती है।

उनका एक ब्राह्मण परिवार का जन्म हुआ था। वो शुरू से ही उनके आस पास का जो परिसर रहा है जो आवरण रहा है वो ऐसा रहा है उसमें ये तमाम अध्यात्म की बातें होती रही है। बचपन से ही उन्होंने अपनी कौशल का लोहा मनवाया है।

बचपन से ही उन्होंने ज्ञान भरी बातों को दूसरों के सामने जाहिर किया है। इसी के चलते उनकी ऐसी छवि, एक ऐसी शाख हम तमाम युवाओं के लिए जहन में बन गयी है कि जिसे भुला पाना शायद बहुत ही मुश्किल होता है। जब हम किसी को गुरु मानते है तो उसे मानने के साथ साथ हम उसे अपने जीवन में अपनाते भी है।

हम क्या कुछ नहीं करते लेकिन हम सामने वाले से उम्मीद करते है कि वो अगर गुरु है तो उसके अंदर वो सारी खूबियां होनी चाहिए जो एक परमपिता परमेश्वर या गुरु में होती है।

इन सबके बीच हम ये भूल जाते है कि जिस तरीके से हमारा जन्म जमीन पर हुआ है ठीक उसी तरीके से जया किशोरी जैसी एक अच्छी आत्मा का या आप कह सकते है पुण्य आत्मा का जन्म इस धरती पर हुआ हैं। तो उन्हें भी उनके हिसाब से जीने का उतना ही अधिकार है जितना कि आपको।

लेकिन ये जो खबर है इस खबर से हमे बिल्कुल भी भौचक्का नहीं होना चाहिए, बिल्कुल भी सोचने पर मजबूर नहीं होना चाहिए क्योंकि जया किशोरी का जो ईमान है, जो धर्म है, जो प्यार है, जो स्नेह है, जो साध है वो शादी के बाद भी हमे शायद ऐसे ही मिलता रहे और ऐसे हो वो हमें प्यार स्नेह के साथ ऐसे ही ज्ञान की धारा के बारे में बताती रहे।

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